उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतनारायन गुट) और वित्तविहीन माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के विरोध में धरना-प्रदर्शन आठवें दिन भी जारी रहा। सभी केंद्रों पर शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों ने धरना दिया।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि जनपद में अभी तक वर्ष 2013-14 के कापियों के मूल्यांकन का पारिश्रमिक नहीं दिया गया है। इसके बावजूद जिला विद्यालय निरीक्षक का प्रत्येक केंद्रों पर मूल्यांकन कराने पर जोर देना अपने दायित्वों को छिपाना है।
जिलाध्यक्ष रामाशंकर सिंह ने कहा कि मिर्जापुर में लाठियों के बल पर मूल्यांकन करा देना शिक्षक समाज का अपमान है। जिला मंत्री अश्वनी कुमार तिवारी ने कहा कि शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक नेताओं ने सभी शिक्षक संगठनों से मूल्यांकन बहिष्कार की अपील की।
शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व द्वारा सरकार से बातचीत की जो आशा क ी किरण निकली है, उससे उत्साहित शिक्षक वार्ता सफल होने तक बहिष्कार जारी रखेंगे।
बहिष्कार को सफल बनाने वालों में रमाशंकर सिंह, राधेश्याम यादव, रामचंद्र जायसवाल, पीएन राय, ओमप्रकाश सिंह, गोपाल सिंह, डा. नागेंद्र सिंह, जयंत सिंह, शंभू सिंह, संजय सिंह, रविंद्र सिंह, विनय कुमार सिंह, सदानंद पांडेय, अरविंद वर्मा आदि मौजूद रहे।