जिला कारागार में काफी दिनों से बीमार चल रहे एक कैदी की मंगलवार की रात मौत हो गई। इस पर जेल में बंद अन्य कैदियों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी। बाद में जिला प्रशासन और एसडीएम के समझाने पर कैदियों ने हड़ताल समाप्त कर दिया।
रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के राघोपुर निवासी चंद्रशेखर राजभर (40) हत्या सहित कई मामलों में जिला कारागार में तीन साल से बंद था। इसकी तबीयत काफी दिनों से खराब चल रही थी। बीते शनिवार को उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। कैदी की हालत काफी खराब देख जेल प्रशासन ने कैदी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देख सोमवार को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। जेल प्रशासन ने उसे बीएचयू में भर्ती करा दिया। जहां इलाज के दौरान कैदी की मौत हो गई। इसकी खबर जिला कारागार में पहुंचते ही कैदियों ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और सुबह करीब आठ बजे भूख हड़ताल पर बैठ गए।
दोपहर में करीब एक बजे एसडीएम सदर बीएल मौर्य जेल में पहुंचे और कैदियों को समझाबुझाकर उनकी भूख हड़ताल को समाप्त कराया। इस बाबत जेलर एके मिश्र ने बताया कि कैदी की मौत की सूचना के बाद कैदी भूख हड़ताल पर चले गए थे लेकिन जेल प्रशासन और एसडीएम के समझाने के बाद वे मान गए।