बलिया/चिलकहर/पूर (बलिया)। वाराणसी के डीएवी कॉलेज में परीक्षक बनकर गए जिले के उकछी स्थित नागेश्वरी देवी श्रीकृष्ण कन्या इंटर काॅलेज के लिपिक अमरेंद्र तिवारी और उसके दो साथी पकड़ लिए गए हैं। अब विद्यालय के प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है।
शुक्रवार को सुबह से ही इंटर काॅलेज उकछी में ताला लटका रहा। छात्र ताला बंद देख लौट गए। उधर, विद्यालय के प्रधानाचार्य समेत कई जिम्मेदारों के फोन नंबर बंद मिले। कुछ जिम्मेदारों से बात हुई तो कोई न कोई बहाना बनाकर मामले पर बोलने कन्नी काटते दिखे।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड प्रायोगिक परीक्षा के लिए नियुक्त परीक्षक को नियुक्ति पत्र देता है। इसे संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रमाणित करते हैं। ऐसे में किसी परीक्षक के नियुक्ति पत्र का दूसरे का हाथ लगना मामले को संदेहास्पद बनता है और इसमें प्रधानाचार्य की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ जाती है।
जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि बोर्ड का निर्देश प्राप्त होते ही मामले में संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य की भूमिका की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर प्राथमिक दर्ज करा कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि उकछी स्थित नागेश्वरी देवी श्रीकृष्ण कन्या इंटर काॅलेज के शिक्षक राजीव कुमार शर्मा को डीएवी इंटर कॉलेज में प्रैक्टिकल लेने आना था, वह नहीं गया और उसकी जगह गाजीपुर के मानपुर टिकरी निवासी अजीत यादव परीक्षक बनकर पहुंच गया। उसके साथ गाजीपुर के भौराहा निवासी ध्रुव यादव और बलिया के उकछी निवासी अमरेंद्र कुमार तिवारी भी रहे। पकड़े जाने के बाद पता चला कि मास्टरमाइंड अमरेंद्र तिवारी है, जो उकछी के कॉलेज में लिपिक है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अमरेंद्र तिवारी ही काॅलेज की देखरेख करता है। इसमें उसका सहयोग गाजीपुर के अजीत और ध्रुव करते हैं। विद्यालय पर मौजूद और स्वयं को प्रबंध समिति के अध्यक्ष बताने वाले विजय बहादुर तिवारी ने बताया कि प्रायोगिक परीक्षा के लिए राजीव शर्मा की ड्यूटी लगी थी, लेकिन वह अस्वस्थ होने के कारण अस्पताल में एडमिट हैं। बताया कि बिना सूचना दिए विद्यालय के अमरेंद्र तिवारी, जो लिपिक का कार्य करते हैं, दो अन्य साथी ध्रुव और अजीत यादव के साथ बिना विद्यालय को बताए परीक्षक बनकर वाराणसी चले गए। इसकी जानकारी विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रबंधक किसी को नहीं है।