नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्त के पर किए गए हमले के विरोध में रतसर बाजार मंगलवार को पूर्णतया बंद रहा। बंदी का आलम यह रहा है लोगों को चाय तक नसीब नहीं हुई।
बंदी के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन भी अपने वाहनों के साथ चक्रमण करती नजर आई। इस दौरान व्यापारियों ने कहा कि 2017 के चुनाव में प्रदेश सरकार की ईंट से ईंट बजाकर रहेंगे।
व्यापारी नेता रामाश्रय गुप्त ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। दिनदहाड़े नगर पालिका में घुसकर मारपीट की जा रही है।
पुलिस पीड़ित की तहरीर पर उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के बजाय उसे ही संरक्षण दे रही है। कहा कि इस सरकार में व्यापारियों के साथ हमेशा धोखा हुआ है।
मंत्री नारद राय पर तंज कसते हुए कहा कि मंत्री जी अपने पुत्र नरेेंद्र को समझाने के बजाय ये बयान देते फिर रहे हैं कि घटना के दिन मेरा बेटा नगरपालिका से एक किमी के दायरे में भी नहीं था। जो सरासर झूठ है।
वहीं मुन्ना जी गुप्त ने कहा कि ये आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मंत्री पुत्र पर मुकदमा दर्ज न हो जाय। इस मौके पर विजय कुमार गुप्त, अरविंद गुप्त, अनिल गुप्त, उमेश सिंह, ब्रजेश गुप्त, गुड्डू गुप्त आदि रहे।