हिंदी दिवस पर बलिया साहित्य जगत की चार विभूतियां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथों सम्मानित की गई। डा. कृष्ण बिहारी मिश्र को महात्मा गांधी साहित्य सम्मान , डा. अमलदार नीहार को सुब्रहमण्यम भारती नामित पुरस्कार, डा. भगवती प्रसाद द्विवेदी को सूर नामित पुरस्कार, डा. आद्या प्रसाद द्विवेदी को पंडित रामनरेश त्रिपाठी नामित पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सभी को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की तरफ से लखनऊ में सम्मानित किया गया। जिससे जनपद के साहित्य जगत सहित लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह बात साहित्यकार तथा टीडी कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर डा. अमलदार नीहार ने जनपद में पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि खराब स्वास्थ्य के कारण डा. कृष्ण बिहारी जी सम्मान समारोह में मौजूद नहीं हो सके थे। बाद में उन्हें संस्थान द्वारा पुरस्कार उपलब्ध करा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा उल्लेखित साहित्यकारों को सम्मानित करने से संपूर्ण जनपद एवं स्वयं को सम्मानित महसूस कर रहा है। कहा कि हिंदी को राष्ट्र भाषा भले ही घोषित न किया जा सकें लेकिन राष्ट्रीय क्षितिज पर हिंदी को चमकाने वाले साहित्यकारों के सम्मान से हिंदी जगत को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।
इससे जनपद के विद्यार्थियों तथा साहित्यकारों को काफी प्रेरणा मिलेगी। वर्तमान में मातृभाषा हिंदी को बढ़ावा मिल रहा है। हिंदी के पास संस्कृत आदि प्राचीन भाषाओं के साथ उसकी लोक भाषाएं वह अजेय ताकत है, जिससे वह समाज तथा देश के दिल पर शासन करती है। इसके लिए जरूरी है कि हम भी अपने साहित्यकारों का उचित सम्मान करें। इसी से देशवासियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।