बलिया। शासन के निर्देश पर आंगनबाड़ी के सभी लाभार्थियों का डाटा बेस तैयार करने का कार्य शुरू हो गया है। इसमें लाभार्थियों के बैंक खाता नंबर, मोबाइल नंबर, आधार नंबर आदि ब्योरा दर्ज किया जा रहा है ताकि पोषाहार नहीं मिलने की दशा में इसके बदले नगद धनराशि या पोषाहार वितरण की जानकारी ली जा सकेगी।
जिले में ऐसे लाभार्थियों की कुल संख्या 2.90 लाख है। लॉकडाउन के चलते स्कूलों के साथ ही आंगनबाड़ी भी बंद हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी के बच्चों और गर्भधात्री महिलाओं में पोषाहार का वितरण नहीं हो सका। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक ने अप्रैल में लाभार्थियों के घर तक पोषाहार पहुंचाने का निर्देश दिया था लेकिन पोषाहार नहीं आने के कारण वितरण नहीं हो सका। इसको देखते हुए बाल विकास एवं पुष्टाहार के निदेशक शत्रुध्न सिंह की ओर से सभी लाभार्थियों के डाटा बेस तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसमें लाभार्थियों का खाता नंबर, मोबाइल नंबर, आधार नंबर आदि अंकित किया जाना है। निदेशक के निर्देश पर जिले में लाभार्थियों के ब्योरा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सेराज आलम ने बताया कि लाभार्थियों के डाटा बेस तैयार होने पर पोषाहार नहीं उपलब्ध होने की दशा में लाभार्थियों को अवगत कराया जाएगा। साथ ही लाभार्थी वितरण आदि की जानकारी भी ले सकेंगे। आंगनबाड़ी के सभी लाभार्थियों का डाटा तैयार करने का काम शुरू हो गया है। जल्द ही सभी लाभार्थियों का ब्योरा शासन को भेजा जाएगा।