बांसडीहरोड रेलवे स्टेशन प प्लेटफार्म उच्चीकरण का कार्य करते मजदूर।
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बांसडीहरोड। अब न आपको क्रॉसिंग की समस्या से जूझना पड़ेगा और न ही प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन में आपको चढ़ने में दिक्कत होगी, क्योंकि अब बांसडीहरोड, छाता और मॉडल स्टेशन बलिया का प्लेटफार्म ऊंचा किया जाएगा। रेलवे महकमे का यह प्रोजेक्ट करीब चार करोड़ का है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो कार्यदायी संस्था 2018 तक काम पूरा कर महकमे को हैंडओवर कर देगी।
वाराणसी-छपरा रेल खंड के बांसडीहरोड रेलवे स्टेशन के पश्चिम 560 मीटर लंबा प्लेटफार्म 20 अप्रैल से बनना शुरू हो गया है। प्लेटफार्म मध्य रेल से 12.85 मीटर दूरी तक बनेगा, जिसमें फर्श से दो मीटर ऊंचाई और सात मीटर चौड़ा रहेगा। रेलवे ने ऊंचीकृत प्लेटफार्म बनाने के लिए कार्यदायी संस्था को चार करोड़ रुपये देने का जिम्मा दिया है।
इसके साथ ही छाता आसचौरा हाल्ट स्टेशन एवं माडल स्टेशन बलिया पर रेलवे लाइन भी बढ़ाने का काम होगा। जहां कार्यदायी संस्था द्वारा ऊंचीकृत प्लेटफार्म बनाने का काम बांसडीहरोड रेलवे स्टेशन से शुरू कर दिया गया है।
ऊंचीकृत प्लेटफार्म बनने से अब महिलाओं, वृद्ध, दिव्यांगों एवं असहाय व्यक्तियों को ट्रेन से चढ़ते, उतरते समय किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। सब कुछ ठीकठाक रहा तो 2018 तक उच्चस्तरीय प्लेटफार्म बनकर तैयार हो जाएगा और यात्रियों को ट्रेन में उतरने-चढ़ने के लिए काफी सहूलियत हो जाएगी।
सभी स्टेशनों पर प्लेटफार्म ऊंचा बनाने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को जिम्मा दिया गया है। प्लेटफार्म की ऊंचाई बढ़ने से यात्रियों को असुविधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्लेटफार्म मानक के अनुसार ही बनेंगे। -अशोक कुमार, पीआरओ डीआरएम वाराणसी