बलिया। गर्मी में बिजली की खपत बढ़ते ही बदहाल ट्रांसफार्मरों के फूंकने का दौर शुरू हो जाता है। हालांकि इस बार इससे राहत दिलाने के लिए विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। प्रचंड गर्मी से पहले बिजली विभाग की टीम ट्रांसफार्मरों की मरम्मत करने की तैयारी में है। इसे लेकर फॉल्ट वाले ट्रांसफार्मरों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है। हल्की खराबी वाले ट्रांसफार्मरों की मरम्मत मौके पर जाकर कर्मचारी करेंगे।
जिले में विद्युत आपूर्ति को लेकर चार विद्युत वितरण खंड स्थापित किए गए हैं। जिले में करीब 4.80 लाख पंजीकृत उपभोक्ता हैं। उपभोक्ताओं को सुव्यवस्थित तरह से बिजली आपूर्ति हो। इसके लिए शहर से लेकर गांवों तक छोटे, मध्यम और बड़ी क्षमता के विद्युत ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। बताया जाता है कि गर्मी पड़ते ही बिजली की खपत बढ़ जाती है और इसके चलते ट्रांसफार्मरों के जलने का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। इतना ही नहीं, कई बार तो वर्कशाप पर भी ट्रांसफार्मरों के मरम्मत को लेकर दबाव बन जाता है। सरकार की ओर से 72 घंटे में ट्रांसफार्मरों को बदलने का निर्देश दिया गया है। इसे लेेकर विद्युत विभाग ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इस बार विभाग ने इससे राहत के लिए पहले से ही कमर कस ली है। विभागीय अधिकारियों ने बदहाल ट्रांसफार्मरों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। अधिशासी अभियंता की माने तो पूर्व के वर्षों में औसत प्रतिदिन 30 से 40 ट्रांसफार्मरों के बदलने का रिकार्ड है। इसे देखते हुए सभी उपकेंद्रों के अवर अभियंता को क्षेत्र के ट्रांसफार्मरों की जांच का निर्देश दिया गया है। बताया कि जिन ट्रांसफार्मरों में हल्की गड़बड़ी होगी, उसे मौके पर ही मैकेनिक जाकर ठीक करेंगे। अगर आवश्यकता होगी तो उसे बदलने का भी काम किया जाएगा।
सभी अवर अभियंताओं को ट्रांसफार्मरों की जांच का निर्देश दिया गया है। ट्रांसफार्मरों की छोटी खराबियों को मौके पर ठीक कराने को लेकर तैयारी चल रही है। ऐसे ट्रांसफार्मरों को चिह्नित करने का काम किया जा रहा है। - एके चौधरी, अधिशासी अभियंता, बलिया