बलिया । निर्वाचन आयोग ने विधान परिषद चुनाव की घोषणा कर दी है। विधान परिषद के लिए बलिया स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से सदस्य का निर्वाचन नौ अप्रैल को होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, निर्वाचन की अधिसूचना 15 मार्च को जारी होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 22 मार्च है। नामांकन पत्रों की जांच 23 मार्च को और नाम वापसी 25 मार्च तक की जा सकेगी तथा नौ 9 अप्रैल की सुबह आठ से शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतों की गणना 12 अप्रैल को होगा, 16 अप्रैल तक निर्वाचन पूर्ण कर लिया जायेगा। आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। डीएम आईवी सिंह ने क्षेत्र पंचायत व नगर पालिका व नगर पंचायत के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदान स्थलों को भली प्रकार से जांच लिया जाएं। सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं।
यह हैं मतदेय स्थल
बैरिया, बेलहरी, मुरली छपरा, रेवती व दुबहड़, बांसडीह, मनियर, नवानगर, पंदह, सीयर, नगरा, रसड़ा, सोहांव, चिलकहर, गड़वार, हनुमानगंज, बेरुआरबारी क्षेत्र पंचायत कार्यालय में क्षेत्र पंचायत व नगर पंचायत क्षेत्र के मतदाता मतदान करेंगे। वहीं जिला पंचायत कार्यालय परिसर को भी मतदान स्थल बनाया गया है। जहां जिला पंचायत सदस्य नगर पालिका बलिया के चेयरमैन और सभासद सांसद और विधायक मतदान करेंगे.
कलेक्ट्रेट में होगा नामांकन
विधान परिषद सदस्य के निर्वाचन के लिए 15 मार्च से कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कोर्ट में नामांकन होगा। इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही है।
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बीडीसी से लगायत सांसद करेंगे मतदान
बलिया स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन सीट पर निकाय के प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, बीडीसी, ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य मतदान कर एमएलसी का चयन करेंगे। इसके लिए बलिया में 18 मतदान बूथ बनाए जाएंगे। जिसमें 2645 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
पिछले तीन कार्यकाल से एक ही परिवार कब्जा
एमएलसी के पिछले तीन कार्यकाल से पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पौत्र रविशंकर सिंह पप्पू का कब्जा रहा है। वर्ष 2003 में हुए एमएलसी चुनाव में पहली बार रविशंकर सिंह पप्पू ने समाजवादी जनता पार्टी के सिंबल पर निर्वाचित होकर विधान परिषद में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सपा के संग्राम सिंह को हराया था। इसके बाद वर्ष 2009 में हुए चुनाव में उन्होंने बहुजन समाजपार्टी के टिकट पर सपा के रामधीर सिंह को हराकर अपना कब्जा कायम रखा। जबकि वर्ष 2016 में हुए चुनाव में वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर भाजपा के ठाकुर अनूप सिंह को पराजित कर विधान परिषद में पहुंचे थे। इस बार वह भाजपा में शामिल है।
प्रत्याशी चयन में जुटे सियासी दल
विधानसभा चुनाव के तत्काल बाद हो रहे इस चुनाव में सियासी दल अपने समीकरण साधने में भी जुटे हैं। फिलहाल सपा, बसपा, कांग्रेस के साथ ही भाजपा और अन्य दल भी उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन में जुटे हैं।