प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। इसी का परिणाम है कि नगर में बंदी के दौरान जिसे गोली लगी, उसे ही मुल्जिम बना दिया गया और गोली मारने वाला खुलेआम घूम रहा है। गोली से घायल देवतानंद और राकेश चौबे को पुलिस कस्टडी में रखना अचंभित करने वाला है।
ये बातें रविवार को भाजपा के प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह ने एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में कही। कहा कि कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा 29 सितंबर को जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन करेगी। इसमें संगठन के बड़े पदाधिकारी भी भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि पालिका के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्त से टेंडर को लेकर मारपीट हुई, उन्होंने तहरीर भी दी लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। यह प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल है। इसी तरह बलिया बंद के दौरान एक पक्ष द्वारा चलाई गई गोली से घायल लोगों की भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने जिले के आला अधिकारियों से मिलकर 72 घंटे के अंदर कार्रवाई की मांग की है। ऐसा न होने पर पार्टी अगली रणनीति तय करेगी। पंकज ने कहा कि बलिया ने तानाशाहों की तानाशाही को रौंदने का काम किया है, लेकिन आज यहां लोग जानमाल को लेकर भयभीत हैं।
छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं, व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है। टेंडर के लिए मारपीट होती है, लेकिन जमीन पर काम नहीं दिखता है। यह मर्यादाओं की हत्या जैसा है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। कहा कि यदि अधिकारी कार्रवाई नहीं कर सकते तो उन्हें अपना कार्य छोड़ देना चाहिए।