बैरिया। टेंगरहीं में निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के पास कई गांवों के ग्रामीणों ने दूसरे दिन मंगलवार को भी धरना दिया। आंदोलनकारियों ने कहा कि अंडरपास के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं है। प्रतिनिधिमंडल में पांच लोगों ने उपजिलाधिकारी बैरिया कार्यालय पहुंचकर पत्रक देकर नौ मई से आमरण अनशन करने का एलान कर दिया। आंदोलनकारियों ने एनएचएआई के खिलाफ नारेबाजी की। टेंगरही ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शुभम सिंह ने कहा कि अगर अंडरपास नहीं बना तो हम इसी स्थान पर आत्मदाह करेंगे।
टेंगरही रामाबाबा स्थान के पास निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के कार्य को सोमवार को टेंगरहीं ग्राम पंचायत सहित आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों ने रोक दिया था। सोमवार से ही धरना प्रदर्शन चल रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह मुख्य मार्ग टेंगरही, पांडेयपुर, भुवाल छपरा, बसगोपाल छपरा, जगदेवा, नौरंगा सहित दर्जनभर गांवों के एक लाख से अधिक लोगों की जीवन रेखा है। इस मार्ग से 40 हजार लोग रोज आवागमन करते हैं। इस सड़क के बंद हो जाने से स्कूल, काॅलेज, अस्पताल, तहसील, थाना जाने के लिए पांच से सात किमी अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी। आंदोलनकारियों ने कहा कि पूर्व में आंदोलन किया था। उस समय एनएचएआई के अधिकारियों ने अंडरपास बनाने का आश्वासन दिया था। अब हमें सुविधाएं देने के बजाए ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ेगी। आंदोलनकारियों का कहना है कि अंडरपास के अलावा कुछ मंजूर नहीं है। उपजिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के अवर अभियंता सुधांशु सिंह से कहा कि उच्चधिकारियों से वार्ता कर आंदोलनकारियों की समस्याओं का निस्तारण कराएं। इस मौके पर शुभम सिंह, सुरेश चंद्र सिंह, राणा संतोष सिंह, सुनील कुमार, हरेंद्र पांडेय आदि रहे।