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Ballia News: 32 सीएचसी-पीएचसी पर इलाज नहीं, जिला अस्पताल में भीड़

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बलिया। ग्रामीण इलाकों में कुल 32 सीएचसी व पीएचसी हैं। लेकिन इनपर साधारण बीमारी का भी इलाज नहीं हो रहा। इससे बुखार, पेट दर्द, बदन दर्द के मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। ओपीडी ग्रामीण इलाकों के लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। जिला अस्पताल में करीब 1600 से अधिक मरीज रोज आते हैं।
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जनपद के ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल रखने के लिए 21 सीएचसी और 11 पीएचसी हैं। इसके अलावा 160 हेल्थ वेलनेस सेंटर भी हैं। इसके बाद भी जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। दरअसल ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में चिकित्सकों व संसाधन की कमी से इलाज की आस में आने वाले मरीज इलाज व जांच की सुविधा न मिलने के कारण निराश होकर जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं।
कुछ सीएचसी स्तर के अस्पतालों को छोड़ दिया जाए तो अन्य अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों की संख्या बेहद कम है। इन अस्पतालों की मॉनीटरिंग भी बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही है। यदा-कदा विभागीय उच्चाधिकारी निरीक्षण की रस्म अदायगी की जाती है। इसके बाद फिर व्यवस्था जस की तस हालत में पहुंच जाती है। जिला अस्पताल के फिजिशियन की ओपीडी में करीब 281 से अधिक मरीज पहुंचे, डॉक्टर रितेश सोनी ने बताया कि मौसम के बदलाव से ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, वायर फीवर, गले में खराश के रहे।
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जांच की भी सुविधा नहीं
जिला अस्पताल में खड़सरा निवासी मनोरमा देवी ने बताया कि उनके क्षेत्र में दस किमी के दायरे में सीएचसी व पीएचसी स्तर के दो अस्पताल हैं। उसमें इलाज की मुकम्मल सुविधा नहीं होने से मजबूरन जिला अस्पताल आना पड़ता है। यदि चिकित्सक मिल भी रहे हैं, तो जांच नहीं हो पा रही है। रामगढ़ से आए जितेंद्र पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र बदहाल है। चिकित्सक के अभाव में फार्मासिस्ट व वार्ड बॉय इलाज करते हैं। जांच आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। पकड़ी निवासी राम स्नेही यादव ने बताया कि अगर पास के अस्पताल में इलाज व जांच की सुविधा मिल जाए तो 23 किमी दूर जिला मुख्यालय जाना नहीं पड़ेगा। चितबड़ागांव निवासी संतोष कुमार ने बताया कि ग्रामीण अस्पतालों में उल्टी-दस्त, बुखार जैसी शिकायत पर भी डॉक्टर जिला अस्पताल भेज देते हैं।

जिले में चिकित्सकों की कमी है। पद के सापेक्ष आधे से कम चिकित्सक हैं। कम संसाधन के बावजूद स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को बेहतर इलाज व जांच की सुविधा का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाता है। - डॉ. संजीव वर्मन, सीएमओ
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