बलिया। दीपावली व छठ के बाद काम पर लौटने वालों के लिए कन्फर्म सीटों की मारामारी बढ़ गई है। दिल्ली, मुंबई , सूरत सहित अन्य महानगरों की ट्रेनों की वेटिंग बढ़ती जा रही है। अगले एक पखवाड़े तक कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है। स्पेशल ट्रेनें में एक सप्ताह बाद का टिकट मिल रहा है।
शुक्रवार को रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली मुंबई और दिल्ली की ट्रेनों में यात्रियों को कन्फर्म सीटें नहीं मिलने से यात्री फर्श व दरवाजे पर बैठकर रवाना हुए। बिहार की तरफ से आने वाली ट्रेनों में चढ़ने के लिए लोग यात्रियों को फजीहत हो रही है। वाराणसी, प्रयागराज, मऊ व छपरा जाने वाली लोकल ट्रेनों में भी छठ के बाद अचानक भीड़ बढ़ गई है। पैसेंजर ट्रेनों से यात्री वाराणसी, छपरा जाकर महानगरों की ट्रेने पकड़ रहे हैं। भीड़ के कारण लोग जान जोखिम में डाल कर ट्रेन की गेट और पायदान के अलावा शौचालय में भी सफर करने को मजबूर हैं।
तत्काल टिकट के लिए लोग तीन से चार दिन से रात जगा करने के बावजूद टिकट नहीं मिल पा रहा है, काफी प्रयास के बाद एक टिकट कन्फर्म मिल रहा है। रात में टिकट के लिए लाइन में लगे सुखपुरा निवासी कन्हैया प्रसाद ने कहा कि सूरत जाने के लिए छठ के दिन से तत्काल टिकट के लिए आ रहा है। बक्सर, छपरा से भी नहीं मिल पा रहा है। थम्हनपुरा गांव निवासी मनोज सिंह ने कहा सुबह में तीसरा नंबर था, लाइन में लगे सिर्फ एक व्यक्ति को तत्काल टिकट मिल सका। शायद कल टिकट मिल सके।
स्लीपर बोगी की हालत जनरल जैसी
बलिया से दिल्ली जाने वाली सद्भावना, स्वतंत्रता सेनानी, दिल्ली स्पेशल सहित अन्य ट्रेनों में अगले 10-15 दिन तक 50 से 70 वेटिंग है। भीड़ बढ़ने के कारण स्लीपर बोगी की हालत जनरल बोगी की हो गई है, कन्फर्म सीट होने के बावजूद यात्रियों को सीट पर बैठने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। पूजा स्पेशल भी राहत नहीं दे पा रही है। दोगुना किराये के बावजूद टिकट नहीं मिल पा रहे हैं।
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बलिया से होकर 12 से ऊपर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। एक दो सप्ताह से राहत मिलने लगेगी। जरूरत पड़ी तो और ट्रेनों को संचालन होगा। स्टेशन पर यात्री सुविधा व सुरक्षा पर विशेष नजर है। सुनील सिंह, स्टेशन अधीक्षक।