बलिया। जनपद के सभी थानों पर थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। एसपी ओमवीर सिंह और नगर मजिस्ट्रेट आशाराम वर्मा ने शहर कोतवाली में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। वहीं, सुखपुरा में किसी सक्षम प्रशासनिक अधिकारी के नहीं पहुंचने से अधिकतर फरियादियों को निराश लौटना पड़ा।
समाधान दिवस के दौरान सभी थानों पर 89 शिकायतें आईं। 18 का निस्तारण किया गया। बचे 71 मामलों में से 61 मामले राजस्व से जुड़े हैं। जमीन संबंधित सभी प्रकरणों में पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीमों को गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।
सुखपुरा प्रभारी निरीक्षक रामायण सिंह की अध्यक्षता में पांच मामले सुने गए। सभी राजस्व से संबंधित थे। एक ही मामले का निस्तारण हो पाया। बैरिया थाने में सीओ फहीम कुरैशी की अध्यक्षता में 10 मामले सुने गए। इसमें एक का निस्तारण किया जा सका। एसएचओ राकेश सिंह, शिवकुमार यादव उपस्थित रहे। पकड़ी थाने पर 5 लोग शिकायत लेकर पहंुचे। दो का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। प्रभारी निरीक्षक लालमणि सरोज, सियाराम यादव, मनोज वर्मा आदि मौजूद रहे।
नरही थाने में थाना समाधान दिवस पर आठ मामले आए। एक भी मामले का निस्तारण नहीं हो सका। भरौली गांव निवासी जनार्दन राय ने बताया कि उनकी शादी नहीं हुई है।
2016 में कागज में मर गया, जिंदा होने के लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ी। 2024 में तत्कालीन जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के आदेश पर जिंदा हुआ। छह बीघा जमीन है। विवाद के कारण सीज है। इसके लिए दौड़ रहा हूं। तहसीलदार अतुल हर्ष, सीओ सदर मो. उस्मान, थानाध्यक्ष नदीम अहमद फरीदी मौजूद रहे।
नगरा में कुल 11 मामले आए। एक का मौके पर निस्तारण हुआ। सिकंदरपुर थाने पर उप जिलाधिकारी सुनील कुमार की अध्यक्षता में पांच प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए।
चार राजस्व विभाग और एक पुलिस विभाग से संबंधित था। राजस्व विभाग के एक और पुलिस विभाग के एक मामले का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। एसएचओ विकास चन्द पाण्डेय, क्राइम इंस्पेक्टर नरेश कुमार मालिक आदि मौजूद रहे।