बलिया। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मरम्मत व फाॅल्ट के नाम पर विद्युत कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। कड़ाके की ठंड में रात में सिंचाई करना किसानों की मजबूरी बन गई है। दिन में फाॅल्ट ठीक करने के नाम पर कटौती हो रही है। इस समय ओटीएस में बिजली कर्मचारी लगे हैं। इसलिए आपूर्ति पर ध्यान नहीं दे रहे। 24 में 10 घंटे कटौती हो रही है। फॉल्ट ठीक करने में दिन बीत जा रहा।
वहीं, व्यापार संग उद्योगों पर भी इसका असर पड़ने लगा है। बत्ती गुल होने से इलेक्ट्राॅनिक सहित छोटे उद्योग भी ठप हो जा रहे हैं। पूरे शहर में बिजली कटौती हो रही है। लेकिन सबसे ज्यादा सिविल लाइन, जगदीशपुर, बिशुनीपुर, गुदरी बाजार आदि मोहल्लों के उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। आनंद नगर के वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि दिन में भी फाॅल्ट ठीक करने के नाम पर चार से पांच घंटे कटौती की जा रही है। कई बार आधी रात के बाद भी बिजली गुल हो जा रही है।
शहर के व्यापारियों का कहना है कि दिन में ही दुकानदारी या छोटे उद्योग संचालित होते हैं। बिजली कटने से कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। देवकली के किसान गोबर्धन राय व जीराबस्ती के विनय तिवारी ने बताया कि रात में खेत की सिंचाई कर नहीं सकते है। दिन में बिजली के आने-जाने का क्रम लगा रहता है। अधिकारियों से भी आग्रह किया कि दिन में बिजली सुचारू रूप से मिले ताकि किसान अपनी गेहूं की फसल की सिंचाई ठंड के मौसम में दिन में कर सके।