राष्ट्रीय निषाद महासंघ के जिलाध्यक्ष रामविलास निषाद ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सीआरओ बी राम को सौंपा। मांग किया कि निषाद समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा दिया जाए। बताया कि इस जाति के लोगों की हालत बेहद दयनीय है। परिवार दो जून की रोटी के लिए तरह-तरह के जतन करने पड़ते हैं।
ज्ञापन में बताया है कि प्रदेश में दो करोड़ से अधिक निषाद जाति के लोग निवास करते हैं, जिनकी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थिति अत्यंत दयनीय है। उन्हें अनुसूचित जाति में सम्मिलित करने के लिए अरसे से मांग होती रही है लेकिन आज तक किसी भी सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
वर्ष 2012 के आम चुनाव के दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने 16 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने का वादा किया था लेकिन आज तक पूरा नहीं किया। इस मांग को लेकर निषाद समाज के लोग गांधीवादी तरीके से बीते दिनों गोरखपुर में प्रदर्शन कर रहे थे। जिन पर प्रशासन ने लाठियां और गोलियां बरसाईं।
इसमें इटावा के निषाद के लाल की मृत्यु हो गई। इस कांड से निषाद समाज घोर निंदा करते हुए मृतक युवक के घरवालों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। साथ ही जेल में बंद लोगों को तत्काल रिहा करने और घायल लोगों का समुचित इलाज कराने की मांग की। इसके अलावा निषाद जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग दोहराई। इस मौके पर स्वामीनाथ साहनी, सत्यदेव प्रसाद, भागवत बिंद, राजकुमार निषाद, सुरेंद्र निषाद, रामनाथ आदि मौजूद रहे।