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अस्पताल की समस्या को लेकर निर्भया के बाबा धरने पर बैठे

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नरही। दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई निर्भया के गांव में निर्भया के नाम पर बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की दुर्दशा के विरोध में रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता अश्वनी कुमार ने धरना दिया। सोमवार को निर्भया के बाबा भी समर्थन देते हुए धरना में शामिल हुए। इसके बाद गांव की बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं भी धरना पर बैठ गईं। धरनारत ग्रामीणों ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर नहीं आते हैं जिससे गांव के लोगोें को चिकित्सा सुविधा नहीं मिलती है। जब तक यह समस्या दूर नहीं होगी तबतक धरना अनवरत चलता रहेगा।
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16 दिसंबर 2012 को दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई बिटिया की 29 दिसंबर को इलाज के दौरान सिंगापुर में मौत हो गई थी। 11 जनवरी 2013 को बिटिया के गांव पहुंचे तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 25 लाख रुपये का चेक दिया था और बिटिया के नाम पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं एनएच 31 से गांव तक सड़क बनवाने की घोषणा की थी। इसके बाद गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बन कर तैयार हुआ। पहले तो अस्पताल में चिकित्सा की अच्छी सुविधा थी लेकिन वर्तमान में अस्पताल में डॉक्टर नहीं आते हैं जिससे लोग इलाज नहीं करा पा रहे। अस्पताल परिसर में कूड़े का ढेर लगा है। बिजली का कनेक्शन तक नहीं है। गांव के लोगों ने कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे आजिज आकर सामाजिक कार्यकर्ता अश्वनी कुमार पांडेय रविवार को धरने पर बैठ गए। इनके समर्थन में सोमवार को निर्भया के दादा धरने पर बैठे तो गांव की महिला, युवतियां व ग्रामीण भी धरने पर बैठ गए। बिटिया के बाबा ने अस्पताल में डॉक्टर उपस्थिति के साथ सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की। अश्वनी कुमार पांडेय ने कहा कि जब तक मेरी बात सक्षम अधिकारी नहीं सुनते हैं तबतक हम धरना खत्म नहीं करेंगे। इस मौके पर छोटेलाल राय, सुभाष पांडेय, सर्वजीत खरवार, बसंत पांडेय, प्यारे लाल, बच्चालाल, जवाहर गुप्ता, तेज बहादुर, अंजनी पांडेय, सुरेश सिंह, दुर्गेश, संजय, आर्या पांडेय, दिव्यांशी पांडेय, नेहा पटेल, प्रीति पटेल, प्रीति पासवान, निशा कुमारी आदि रहे।
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मौके पर आएं सीएमओ, देखे अस्पताल की दुर्दशा
नरही। धरना की सूचना पर बिटिया के गांव स्थित पीएचसी पहुंचे डाक्टर एसएन राय ने बिटिया के बाबा एवं सामाजिक कार्यकर्ता अश्वनी कुमार पांडेय से मुख्य चिकित्साधिकारी से मोबाइल पर बात कराने का प्रयास किया, लेकिन धरने पर बैठे लोगों ने बात करने से इंकार कर दिया। इन लोगों की मांग है कि मुख्य चिकित्साधिकारी स्वयं आकर अस्पताल की दुर्दशा देखें। धरने पर बैठे लोगों ने बताया कि डॉक्टर एसएन राय के पास सोहांव एवं निर्भया के गांव में स्थित पीएचसी का प्रभार है। ऐसे में एक ही चिकित्सक दो जगह इलाज कैसे कर सकता है।
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