फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिटिया की बरसी को बिसरा गांव

Tue, 29 Dec 2015 09:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन साल पहले दिल्ली के बसंत विहार इलाके में पांच दरिंदों का शिकार बनी बलिया की बहादुर बिटिया की तीसरी बरसी पर ही गांव ने उसे भुला दिया। गांव के मानिंद लोगों को भी इस मौके पर अपनी गांव की बिटिया को श्रद्धांजलि देना याद नहीं रहा।
विज्ञापन


बिटिया के बाबा भारी मन से मात्र औपचारिकता पूरी करके अपना मन मसोस कर रह गए । लेकिन अब उम्मीद बस इतनी भर की है कि बिटिया के नाम पर बनने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब बनकर तैयार हो गया है...इंतजार है तो सिर्फ रंग-रोगन का। ऐसे में यहां इलाज कराने वाले हर मरीज का दिल बिटिया को लाख दुआएं देगा जो कि उसके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।


 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में पांच दरिंदों की शिकार बनी बिटिया की 29 दिसंबर 2012 को इलाज के दौरान सिंगापुर में मौत हो गई थी। 31 दिसंबर 2012 को अस्थि कलश गांव पहुंचा और एक जनवरी 2013 को भरौली गंगा तट पर विसर्जन किया गया था।
विज्ञापन


इस घटना से उस समय देश ही नहीं विदेश में भी उबाल आ गया था। बिटिया के गांव पर 11 जनवरी 2013 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पहुंचे। जिन्होंने बिटिया के परिजनों को 20 लाख का चेक देने के बाद बिटिया के गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सड़क बनाने की घोषणा की। कुछ महीने बाद काम शुरू हो गया।

लेकिन गांव के ही कुछ लोगों द्वारा निर्माणाधीन अस्पताल को खलिहान की जमीन बताकर हाईकोर्ट से रोक लगा दिया। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा हाईकोर्ट में पक्ष रखने के बाद तीन महीना पहले हाईकोर्ट से अस्पताल बनाने की अनुमति मिल गई और अस्पताल अब लगभग बनकर तैयार हो गया है।

जो बिटिया के नाम पर ही होगा। अब देखने वाली बात यह है कि अस्पताल का उद्घाटन कब और किसके द्वारा किया जाता है। हालांकि गत दिनों बिटिया के माता-पिता मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी मिले, जहां उन्होंने एक स्कूल भी बनवाने का वादा किया है।

 इलाके इंटर कालेज हरिपुर जिगनी गड़वार में मंगलवार को विद्यालय के प्रधानाचार्य कन्हैया उपाध्याय की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें शिक्षक एवं छात्रों ने बहादुर बिटिया को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर इंटर कालेज के प्रधानाचार्य कन्हैया हरिपुरी ने कहा कि बहादुर बिटिया की शहादत के बाद भी अभी समाज में बेटियां सुरक्षित नहीं है। आए दिन प्रदेश में महिलाओं के साथ दुराचार और अश्लील हरकतें हो रही हैं।

महिलाएं जब तक इस विषाक्त माहौल में खुद को सुरक्षित नहीं महसूस करेंगी, तब तक सारे कानून विफल माने जाएंगे। कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने इस दिशा में पहल जरूर की है। लेकिन इसका लाभ महिलाओं को अब भी नहीं मिल पा रहा है। देश में कड़ा कानून बनने के साथ ही उसका कठोरता से पालन कराने की जरूरत है।

इस मौके पर अंशु उपाध्याय, रीनू हरिपुरी, राजेश खरवार, उमेश चंद्र उपाध्याय, सदीप कुमार, अमित पांडेय, निर्भय, दुखंती राम, राजेश भारती, सोना देवी आदि लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें