Ballia News: बलिया जिले में सुनील यादव की हत्या के मामले में पांच नामजद सहित नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
बलिया जिले में हल्दी थाना क्षेत्र के नीरूपुर चट्टी पर शनिवार की शाम दो पक्षों के बीच फायरिंग में सुनील यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी। मृतक के पिता शिवशंकर यादव की तहरीर पर पंकज राय, लक्ष्मी नारायण चौबे, नीरज चौबे, अजीत चौबे, श्रवण दुबे व चार अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें लगी हैं, उसके बावजूद 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। दोनों पक्षों के पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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इन पुलिसकर्मियों को किया गया निलंबित
वहीं, गोलीकांड के बाद पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने डयूटी के प्रति घोर लापरवाही बरतने के आरोप में उपनिरीक्षक रवि वर्मा, उपनिरीक्षक उदय प्रताप सिंह, मुख्य आरक्षी अरविंद यादव एवं आरक्षी अजय यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला
चौबे ब्रदर्स व रेपुरा गांव निवासी ईंट भट्टा संचालक पंकज राय के बीच फरवरी में मारपीट हुई थी। उस मामले को कार्रवाई न होने पर चौबे गुट के सात-आठ लोगों ने पुरास ईंट भट्ठे से लौट रहे पंकज को निरूपुर गांव में रोककर हॉकी-डंडे से कार पर हमला कर दिया था। वहां से पंकज गांव की तरफ भागे। एनएच पर आकर कार को गांव जाने वाले मार्ग पर खड़ी कर दी।
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सड़क के दोनों तरफ दोनों गुट के लोगों ने एक दूसरे पर फायरिंग की। इस दौरान एक गोली दक्षिण पटरी पर एक दुकान पर खड़े टेंट कारोबारी सुनील यादव के सीने में लगी और उसकी मौत हो गई थी। घटना के खुलासे के लिए एएसपी कृपाशंकर व क्षेत्राधिकारी फहीम कुरैसी ने हल्दी थाने पर कैंप किया है। थानाध्यक्ष रोहन राकेश सिंह व अन्य टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है।
इकलौता कमाऊ सदस्य था सुनील, चार माह पूर्व हुई थी शादी
निरूपुर गांव निवासी शिवशंकर यादव के तीन पुत्रों में सुनील सबसे बड़ा था। 29 अप्रैल को उसकी शादी हल्दी गांव में हुई थी। वह परिवार का एकलौता कमाऊ सदस्य था। उसका टेंट व साउंड का कारोबार है। रविवार की शाम को पोस्टमार्टम के बाद घर पर शव पहुंचा तो मां माया देवी व पत्नी प्रियंका यादव की चीत्कार से लोगों की आंखें नम हो गईं। पत्नी बार-बार बेहोश हो जा रही थी। बहन सविता, भाई सूरज यादव व अभिषेक यादव का रोते-रोते हाल बेहाल था।
ब्रम्हाईन से आए मृतक के नाना भिखारी यादव फफक रहे थे। दरवाजे पर चार-पांच सौ लोगों की भीड़ थी। भाजपा के पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल, सांसद सनातन पांडेय, संजय उपाध्याय, बब्लू तिवारी आदि ने परिजनों को ढांढस बंधाया। दोपहर में क्षेत्राधिकारी बैरिया मुहम्मद फहीम, थानाध्यक्ष मुलचंद चौरसिया, दोकटी थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल, दुबहर थानाध्यक्ष अजय पाल, थानाध्यक्ष फेफना विश्वदीप सिंह पहुंच गए। पीएसी व पुलिस फोर्स मुस्तैद रही।
फरवरी में दोनों पक्षों में हुई थी मारपीट
हल्दी थाना के चैन छपरा निवासी लक्ष्मीनारायण चौबे तथा पकंज राय के बीच फरवरी में मारपीट हुई थी। दो फरवरी को लक्ष्मीनारायण चौबे की तहरीर पर पंकज राय सहित सात लोगों पर मुकदमा हुआ था। वहीं, दूसरे पक्ष के अखिलेश राय की तहरीर पर पांच फरवरी को लक्ष्मीनारायण चौबे व सात अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। पंकज राय के पक्ष के विरुद्ध पुलिस के कार्रवाई नहीं करने से चौबे गुट नाराज था। उसी को लेकर शनिवार को दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था।
गोली किसने मारी
सुनील यादव दोस्तों के साथ ग्रीन फील्ड पर जन्मदिन का केक काटने के बाद रोज की भांति ढाले पर खड़ा था। उसी दौरान सीने में गोली लगने से नीचे गिर पड़ा। गोली किस पक्ष ने मारी, यह सवाल सभी की जुबान पर है। पुलिस के पास भी जवाब नहीं है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम में सुनील के शरीर से गोली निकलने के बाद जांच के बाद पुष्टि होगी। घटना के बाद दोनों पक्ष के लोग भाग गए हैं।
मुआवजे के लिए दरवाजे पर रखा शव
पोस्टमार्टम के बाद सुनील का शव दरवाजे पर पहुंचा तो परिजनों ने मुआवजे की मांग करते हुए दाह संस्कार से इन्कार कर दिया। परिजनों ने एक करोड़ रुपये मुआवजा, पत्नी को सरकारी नौकरी की मांग की। सांसद सनातन पांडेय व संजय उपाध्याय ने पांच दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर चक्का जाम व पत्नी को एक सप्ताह में संविदा की नौकरी न मिलने पर एसडीएम आवास घेरने की चेतावनी दी। मौके पर एसडीएम सदर तिमराज सिंह, एएसपी कृपाशंकर ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। उसके बाद दाह संस्कार के लिए परिवार वाले शव लेकर गए। इस बीच लाल टोपी लगाए एक युवक ने अधिकारियों से लिखित मांग की, अन्यथा नेपाल जैसे आंदोलन की धमकी दी। इस पर नेताओं ने युवक को खदेड़ा।