बलिया/पंदह। शासन ने 20.47 करोड़ रुपये की नौ नहर सिंचाई परियोजनाओं को निरस्त कर दिया है। इसके चलते वर्षों से उपेक्षित पूर, पंदह रजवाहा, सुरहाताल और दोहरी घाट पंप कैनाल और इससे जुड़ी माइनरों के कायाकल्प पर ग्रहण लग गया है।
इस सभी परियोजनाओं को जुलाई, अगस्त और सितंबर में वित्तीय स्वीकृति मिली थी। इसमें पंदह रजवाहा का पुनर्स्थापना और सीमांकन, दोहरीघाट सहायक पंप नहर से निकलने वाले रजवाहों और उनकी अल्पिकाओं के रेगुलेटर निर्माण सहित विभिन्न माइनरों की दोनों पटरियों पर कुलवों का पुनर्निर्माण और पंप हाउस का जीर्णोद्धार कार्य शामिल था। संयुक्त सचिव अमित प्रणव ने परियोजनाओं की वित्तीय स्वीकृति निरस्त करते हुए आदेश जारी कर दिया है।
जुलाई में शासन ने पंदह रजवाहा और रतसर रजवाहा से जुड़ी माइनरों की दाईं और बाईं पटरी पर कुलवों के पुनर्निर्माण के लिए 196.86 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की थी। 8 अगस्त को 236.95 लाख की लागत से सरयू नदी के दाएं तट पर स्थित दोहरीघाट सहायक पंप हाउस के जीर्णोद्धार और सुरक्षात्मक कार्य की अनुमति दी गई थी। इसे 28 नवंबर को तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए निरस्त कर दिया गया। तीन माह पूर्व दोहरीघाट सहायक पंप नहर से निकलने वाले रजवाहों और अल्पिकाओं के हेड रेगुलेटर के निर्माण, क्षतिग्रस्त हो चुके रेगुलेटरों के पुनर्निर्माण की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इस पर कुल 82.47 लाख रुपये खर्च होने थे। इसके अलावा सितंबर में पंदह रजवाहा के प्रारंभिक बिंदु से 23.500 किमी तक पुनर्स्थापना और सीमांकन कार्य कराए जाने की अनुमति दी गई है। इसकी लागत 302.15 लाख थी। दोहरीघाट सहायक मुख्य नहर के किमी 5.500 से किमी 30 तक क्षमता पुनर्स्थापना की परियोजना के लिए 406.22 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। दोहरीघाट मुख्य नहर के किमी 46.850, रतसर राजवाहा के किमी 2.200 एवं 3.100, पंदह राजवाहा के किमी 14.100, विशउनपुरा माइनर के किमी 8.00 एवं 10.250, मिठवार माइनर के किमी 0.800 एवं बनरही माइनर के किमी 5.00 पर वीआरवी के स्थान पर कल्वर्ट बाॅक्स निर्माण के लिए 188.32 लाख की परियोजना स्वीकृत हुई थी।
सुरहाताल मुख्य नहर के किमी 0.800 एवं किमी 1.310, सिकंदरपुर राजवाहा के किमी 1.800 पर नई कल्वर्ट बाॅक्स निर्माण, पूर राजवाहा के किमी 9.100 पर वीआरवी के स्थान पर नए कल्वर्ट बाॅक्स निर्माण पर 280.84 लाख खर्च होने थे। पूर राजवाहा की शुरुआत से किमी 28.800 तक पुनर्स्थापना एवं सीमांकन कार्य 271.50 लाख से होना था। दोहरीघाट सहायक पंप नहर के अंतर्गत एक्वाडक्ट के आंतरिक सेक्शन की शुरुआत से किमी 0.300 तक पीडब्ल्यूपी 854 तथा सीटीई 110 द्वारा प्रूफिंग एवं किमी 0 से किमी 1.200 तक रंगाई पुताई की परियोजना के लिए 82.28 लाख स्वीकृत हुए थे। इसे शासन ने व्यय के ब्योरेवार अनुमान में भिन्नता का हवाला देते हुए निरस्त कर दिया है।
किसान दिनेश सिंह का कहना है कि पंदह रजवाहा से डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों की करीब 1832 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। इसका तटबंध जर्जर हो चुका है। इससे टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। इस बार उम्मीद थी कि ठीक हो जाएगा, लेकिन शासन ने परियोजना निरस्त कर क्षेत्र के मरवटिया, पंदह, किकोढ़ा, बरवां, फुलवरिया, महुलानपार, डकीनगंज, एकईल, सरया, सरियांव, टंडवा, धनेजा, भीमपुरा और चांडी माइनरों से जुड़े किसानों को मायूस कर दिया।
दो डाक बंगले की परियोजनाएं भी प्रभावित
बलिया। शासन ने जनपद में सिंचाई विभाग के दो डाक बंगलों के जीर्णोद्धार की परियोजना भी स्वीकृत की थी। इन्हें भी निरस्त कर दिया गया। इसमें गड़वार निरीक्षण भवन के लिए सात लाख और इंदरपुर निरीक्षण भवन के लिए 31.52 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे।
तकनीकी कारणों से परियोजनाओं को निरस्त किया गया है। प्रस्ताव को फिर से सुधार कर भेजा गया है। इसे जल्द ही स्वीकृत कर फिर से धन जारी किया जाएगा। - राकेश कुमार, एक्सईएन सिंचाई खंड प्रथम