पहले झांसे में लिया और फिर बैंक अकाउंट खुलवाया उसके बाद खाते से पांच माह में लगभग 2.25 करोड़ रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने इसकी शिकायत की और साइबर पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।
झांसे में लेकर बैंक एकाउंट खुलवाकर वित्तीय धोखाधड़ी कर खाते से करीब 2.25 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन करने वाले अभियुक्त को साइबर पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर चालान कर दिया। सदर कोतवाली के रामपुर महावल निवासी बृजेश यादव ने साइबर थाना में 14 मई को तहरीर दी कि मेरी बहन की शादी बृजेश कुमार यादव उर्फ जसवंत निवासी हाउसिंग बोर्ड भिलाई जिला दुर्ग के साथ तय हुई थी। सगाई हो गई थी।
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इस दौरान बृजेश कुमार ने कहा कि मेरा कुछ पैसा फंसा हुआ है, जिसको निकालना है। अपने झांसे में लेकर आईसीआईसीआई बैंक बक्सर, एचडीएफसी बैंक स्टेशन बलिया, एक्सिस बैंक टीडी काॅलेज पर मेरे नाम से खाता खोलवा दिया। आईसीआईसीआई बैंक का खाता वर्ष 2023 में खुलवाया तथा चेक बुक एटीएम अपने पास रख लिया।
कुछ दिनों बाद शक होने पर बक्सर के आईसीआईसीआई बैंक का इस्टेटमेंट निकलवाया तो उसमें चार से पांच महीनों में करीब 2.25 करोड़ रुपये का लेन देन हुआ था, जिसकी उसको जानकारी मुझे नहीं थी। 14 मई को बृजेश अपनी रिश्तेदारी थाना सहतवार क्षेत्र में आया था।
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सहयोगियों के साथ उसे पकड़ कर पुलिस को सौपा। साबर थाना प्रभारी अंशुमान यदुवंशी ने बताया कि शिकायत पर आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर चालान कर दिया। लोगों को इस तरह के बहकावे में आने से बचना चाहिए। बैंक खाता का पासबुक व एटीएम दूसरे को कभी न दें।