देवी दुर्गा की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र आज से शुरू हो गया है। प्रमुख मंदिरों पर इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। नगर सहित ग्रामीणांचल के कई देवी मंदिरों और घरों में सोमवार को साफ-सफाई जारी रही।
कई मंदिरों को सायंकाल तक सजाया-संवारा गया। प्रतिपदा तिथि की वृद्धि की वजह से इस बार नवरात्र 10 दिन को होगा। नौ दिनों तक देवी की आराधना करने वाले व्रती 22 अक्टूबर को पारण करेंगे। मंदिरों के पास पूजा सामग्री और फूल-माला की दूकानें सज गईं है। हालांकि महंगाई का असर पूजा सामग्रियों पर भी दिख रहा है, लेकिन इससे भक्त बेफिक्र हैं।
देवी दुर्गा के आगमन और स्वागत की तैयारियां घरों में सोमवार से ही शुरू हो गईं। वहीं शाम से ही मंदिरों में देवी गीत बजाने लगे। मंगलवार को अधिकतर घरों में कलश स्थापना के लिए सोमवार को ही पूजा सामग्री की दूकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इसके अलावा देर शाम तक मंदिरों की सजावट होती रही।
जापलिनगंज स्थित दुर्गा मंदिर, गुदरी बाजार स्थित दुर्गा मंदिर, ब्रह्माइल स्थित ब्राह्मणी देवी, शंकरपुर स्थित शांकरी भवानी, कपूरी स्थित कपिलेश्वरी भवानी, सुरहीं स्थित नवदुर्गा व काली मंदिर, उचेड़ा स्थित चंडी भवानी, सोनाडीह स्थित भागेश्वरी पारमेश्वरी देवी, निधरिया स्थित काली मंदिर की फूलों से भव्य रूप से सजाया गया।
इसके साथ ही कोरंटाडीह स्थित तीन देवियों के संगम स्थल पर भी शारदीय नवरात्र से संबंधित तैयारियां पूरी कर ली गई। गंगा तट पर बसी मां मंगला भवानी, मां अन्नपूर्णा तथा मां दुर्गा के मंदिर का विशेष महत्व है। अति प्राचीन मंदिर मां मंगला भवानी और दुर्गा मंदिर के साथ ही जनपद में एकमात्र स्थापित मां अन्नपूर्णा मंदिर में बिहार सहित आस-पास के इलाके के दर्शनार्थी दर्शन-पूजन के लिए आते हैं।
इन सभी मंदिरों पर भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंगला भवानी, ब्राह्मणी देवी, शांकरी देवी, कपिलेश्वरी भवानी मंदिरों पर पुलिस के साथ ही सीसी कैमरे भी लगाए गए है। देवी भक्तों के पूजन-अर्चन के लिए देवी मंदिरों का दरवाजा चार बजे भोर में मंदिर कमेटियों द्वारा खोल दिया जाएगा।