बलिया/मझौवां/ दयाछपरा। बैरिया तहसील क्षेत्र में गंगा उस पार चक्की नौरंगा गांव में बना बाढ़ संरक्षण केंद्र शनिवार के शाम गंगा नदी के लहरों के दबाव से गिर गया। प्रधानमंत्री सड़क मार्ग की पुलिया भी बाढ़ में बह गई। इससे कइे इलाकों का संपर्क टूट गया है।
गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटा चार सेमी घटाव होने पर लोगों ने राहत की सांस ली है लेकिन दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। केंद्रीय जल आयोग गायघाट गेज पर शनिवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.410 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
इसके साथ ही 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से नदी का जलस्तर घट रहा है। अभी गंगा नदी खतरे के निशान 57.615 मीटर से 1.795 मीटर ऊपर बह रही है। मझौवां/ दयाछपरा : प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत चक्की नौरंगा और भुआल छपरा को जोड़ने वाले मार्ग की पुलिया गंगा की लहरों में बह गई। इससे 30 हजार की आबादी का यूपी और बिहार से संपर्क टूट गया गया।
बाढ़ वाले इलाकों में संक्रामक बीमारियों का खतरा : मझौवां। बाढ़ वाले इलाकों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। बाढ़ग्रस्त सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छ्परा, वंश गोपाल छपरा, मुरली छपरा, नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की नौरंगा, उपाध्याय टोला, शतिघाट, भुसौला, नारदरा आदि गांवों में लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं।
दो सप्ताह से लगातार हो रही नदी के जलस्तर बढ़ोतरी के कारण लगभग 71 गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है, जिससे यहां की करीब 50 हजार की आबादी बुरी तरह प्रभावित हो गई है।