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एहि बिधि नाथ पयोधि बंधाइअ, जेहिं यह...

Mon, 10 Oct 2016 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरोः बलिया
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रसड़ा के रामलीला में राम को कंधे पर बैठाकर पातालपुरी ले जाता अहिरावण।
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श्री शुभनगर रामलीला कमेटी के तत्वावधान में रामलीला मैदान में चल रहे  रामलीला मंचन के दौरान रविवार की दोपहर महावीर घाट पर सेतु बांधा गया और  चौक में अंगद और रावण संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया।
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बड़ी  मठिया बाबा श्याम दास के यहां से सेतु बांध का जुलूस निकाला गया। जो  मालगोदाम, स्टेशन, चौक भ्रमण करते हुए महावीर घाट पहुंचा। जहां नल-नील की  सहायता से समुद्र पर सेतु का निर्माण किया गया। सेतु से होकर राम की सेना  लंका पहुंची। राम ने अंतिम बार रावण को समझाने के लिए अंगद को लंका भेजा।  अंगद ने रावण को समझाया कि यदि राम से समझौता नहीं करोगे तो लंका का विनाश  तय है।

यह सुनते ही रावण आगबबूला हो गया। उसने अंगद को मारने का प्रयास  किया। जिस पर अंगद ने पृथ्वी पर पैर जमाकर कहा कि अगर तुम्हारा कोई योद्धा  मेरा पैर हिला देगा तो राम तुम्हारे शरण में आ जाएंगे। अंगद का पैर उठाने  के लिए लंका के योद्धाओं ने भरपूर कोशिश की। लेकिन किसी ने उठाना तो दूर  हिला तक नहंी सका। अंत में रावण ने जैसे ही अंगद का पैर उठाने के लिए झुका। अंगद ने पैर हटाकर रावण को सलाह दिया कि यदि तुम राम का चरण स्पर्श कर लो  तो तुम्हारा उद्धार हो जाएगा। इतना सुन रावण बौखला गया और अंगद को मारने की  कोशिश की। इसके पूर्व अंगद भाग निकले। इस मौके पर दीपक केशरी, जितेंद्र  वर्मा, संतोष सोनी, मानिक चंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।
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