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Ballia News: सिरप की जगह लिख रहे नेजल ड्राप और एलर्जी की दवा

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जिला अस्पताल के ओपीडी कक्ष में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक।संवाद
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बलिया। मौसम बदलते ही बच्चों में खांसी, सर्दी और जुकाम की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। जिला अस्पताल व निजी क्लीनिकों में प्रतिदिन आने वाले बच्चों की संख्या बढ़ गई है। सरकार द्वारा प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री पर रोक के बाद डॉक्टर वैकल्पिक नेजल ड्राप व एलर्जी की दवाएं दे रहे हैं। आयुर्वेदिक व होम्योपैथी दवा की ब्रिकी बढ़ गई है।
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बच्चों को नुकसान व नशे के रूप में प्रयोग करने के कारण कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। जिले के करीब 1300 मेडिकल स्टोर सख्त निगरानी में हैं और किसी भी स्टोर पर प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री नहीं होने का दावा औषधि विभाग कर रहा है। लेकिन धरातल पर कफ सिरप की ब्रिकी हो रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज 260 से अधिक बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। इम्युनिटी कम होने से ये खांसी-जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। इनमें 85 से अधिक बच्चे जकड़न व खांसी की शिकायत वाले होते हैं। खांसी ठीक होने में आठ से 10 दिन का समय लग रहा है। चिकित्सक सिरप की जगह बच्चों को नेजल ड्राप, एलर्जी की दवा लिख रहे हैं। इसके अलावा भाप, घरेलू उपचार या आयुर्वेदिक दवाओं को खिलाने की सलाह दे रहे हैं। बाल रोग चिकित्सक डॉ. एके उपाध्याय ने बताया कि दवाओं के साथ बच्चों को भाप देना फायदेमंद है। इससे कफ ढीला होता है और सांस लेने में आराम मिलता है। लेकिन भाप अत्यधिक गर्म न हो।
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आयुर्वेदिक व होम्योपैथी दवा की बढ़ी बिक्री
सर्दी जुकाम खांसी व सीने में जकड़न वाले मरीजों का आयुर्वेदिक व होम्योपैथी की तरफ रुझान बढ़ा है। आयुर्वेदिक अस्पताल में ओपीडी इन दिनों 162 की चल रही है। मरीज बढ़ने से दवा तक खत्म हो गई है। दो माह पूर्व ओपीडी 120 के करीब थी। ठंड बढ़ने से होम्योपैथी अस्पताल में मरीजों की भीड़ जुट रही है। प्रतिरोज 123 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंंच रहे हैं। इम्युनिटी बढ़ाने व जकड़न से राहत के लिए मरीज आ रहे हैं। डॉ. विमलेश पांडेय ने बताया कि होम्योपैथ में खांसी, जकड़न व इम्युनिटी बढ़ाने की कारगर दवाएं हैं, जो नुकसान भी नहीं करती हैं।

मौसम के बदलाव पर ये करें

बच्चे को ठंड-गर्म से बचाएं, सिर व कान ढक कर रखें। गर्म पानी पिलाएं और भाप दें। डॉक्टर द्वारा बताई दवाएं समय पर दें। प्रोटीन और विटामिन युक्त आहार, सूप, दाल, मौसमी फल दें।
क्या न करें

किसी और बच्चे की दवा अपने बच्चे को न दें। कफ दवा का ब्रांड खुद से न बदलें। रात में ठंडी चीजें जैसे कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम न दें। बार-बार या लंबे समय तक बीमार रहने पर चिकित्सक की सलाह लें।
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