हुसैन की याद में शुक्रवार की देर रात नगर के विशुनीपुर, काजीपुरा, राजपूत नेउरी, परमंदापुर, विजयीपुर, जंगेअली मुहल्ला, गुदरी बाजार, बहेरी और उमरगंज मुहल्ले से ताजिया जुलूस निकाला गया।
लोगों ने ताजिये के साथ नगर के विभिन्न मार्गों पर भ्रमण किया। शनिवार की शाम ताजिया अपने नियत स्थान से उठकर नगर और गांव का भ्रमण कर करबला पहुंचा, जहां दफन किया गया। इस दौरान युवाओं ने एक से बढ़कर एक करतब का प्रदर्शन किया।
नगर से सटे मिड्ढा गांव के पश्चिम मुहल्ला के दिलदार चौक से अख्तर अंसारी के नेतृत्व में और इब्राहिम पेंटर चौक, पूरब मुहल्ला के महमूद अंसारी चौक और बाजार स्थित गौहर चौक से शुक्रवार की रात ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस अपने नियत स्थान से उठकर बाजार पहुंचा।
जहां या हुसैन, या हुसैन के नारे के बीच सभी ताजियों का मिलान हुआ। शनिवार की शाम अपने-अपने चौक से उठकर ताजिए पुन: बाजार पहुंचे। जहां सभी ताजियों के आपस में मिलने के बाद गांव का भ्रमण करते हुए आमडारी गांव स्थित करबला पहुंचा।
जहां मिड्ढा, आमडारी, मलकपुरा, हैदरचक आदि स्थानों की ताजियों का पुलिस की देखरेख में मिलान हुआ। इसके बाद ताजिया को करबला में दफनाया गया।
दयाछपरा संवाददाता के अनुसार: चिंतामणि राय के टोला स्थित करबला पर गंगा जमुना तहजीब के साथ हिंदु-मुस्लिमों बंधुओं ने शनिवार को शाम ताजिये को दफन कर अखाड़े में करतब दिखाया।
चिंतामणि टोला स्थित करबला पर मिश्र के हाता शमसुद्दीन के नेतृत्व में माधव मिश्र के टोला की ताजिया, मोहम्मद हाफिज के नेतृत्व में चिंतामणि टोला की ताजिया, इसराइल अंसारी के नेतृत्व में तिरंगा क्लब दयाछपरा की ताजिया, मोहम्मद टमाटर के नेतृत्व में मुरली छपरा की ताजिया, रोजा अंसारी के नेतृत्व में भुआल छपरा की ताजिया क्षेत्र का भ्रमण कर करबला पहुंची, जहां करबला में दफन किया गया।
सिकंदरपुर संवाददाता के अनुसार: कसबा के बड्डा मुहल्ला, गांधी मुहल्ला, मिल्की के अलावा दर्जनभर से अधिक स्थानों से ताजिया जुलूस निकाला गया। रामगढ़ संवाददाता के मुताबिक: रामगढ़, बेलहरी, सुघरछपरा, रूद्रपुर, गायघाट में ताजिया जुलूस निकाले गए। इस दौरान कई लोगों ने एक से बढ़कर एक कला कौशल का जोरदार प्रदर्शन किया।