बैरिया। शहीदों और सेनानियों के नाम पर बैरिया-लालगंज मार्ग पर भव्य स्मृति द्वार के निर्माण के लिए संस्कृत और पर्यटन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रह्लाद सिंह पटेल को पत्र लिख कर धन स्वीकृत करने का आग्रह सांसद ने किया है।
यह जानकारी देते हुए सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने बताया कि 1942 में महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन के आह्वान पर बैरिया थाने पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान कई सेनानी शहीद हुए। बताया कि आंदोलन में मुक्तिनाथ तिवारी शहीद हो गए थे और सेनानी स्व. परशुराम सिंह, स्व. प्रभुनाथ तिवारी, स्व. भूपनारायण सिंह, स्व. सुदर्शन सिंह, स्व. केदारनाथ तिवारी, स्व. गौरीशंकर सिंह, स्व. राजनरायन पांडेय, स्व. पारसनाथ तिवारी अंग्रेजों की गोली से घायल हो गए थे। इन शहीदों व सेनानियों से भावी पीढ़ी प्रेरणा लें और अपने को गौरवान्वित महसूस करें। इसलिए भव्य स्मृति द्वार का निर्माण आवश्यक है। सांसद ने बताया कि संस्कृत व पर्यटन राज्यमंत्री भारत सरकार ने इस दिशा में उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।