बैरिया तहसील प्रांगण में उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के सामने हंगामा करती पीड़ित युवती और उसके प
बैरिया। जमीन-जायदाद पर नाम दर्ज कराने के लंबित मामले में मंगलवार को मां-बेटी, बेटे ने बैरिया तहसील में उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के सामने हंगामा किया। पूनम पासी ने कहा कि जमीन-जायदाद से बेदखल करने की साजिश हमारे चाचा कर रहे हैं। नायब तहसीलदार सुरेमनपुर के न्यायालय में तीन वर्षो से लंबित प्रमाणित वरासत के मामले में झूठ की बुनियाद पर चाचा ने आपत्ति की है।
बैरिया तहसील क्षेत्र के मानसिंह छपरा गांव की लाल मुनी देवी व उनकी बेटी पूनम ने वरासत के आधार पर जमीन जायदाद पर नाम दर्ज कराने के लिए तीन वर्ष पूर्व नायब तहसीलदार सुरेमनपुर के न्यायालय में वाद दाखिल किया था। आरोप है कि चाचा राधा मोहन पासी आपत्ति कर नाम दर्ज नहीं होने दे रहे हैं। जबकि उच्चाधिकारियों ने मामले के तत्काल निस्तारण का आदेश भी दिया हैं। पूनम ने बताया कि मेरे पिता सुरेंद्र पासी की मौत वर्षों पहले हो चुकी है। भाई विकलांग है। आधार कार्ड, राशन कार्ड सहित सारे प्रमाण है किंतु चाचा संपत्ति हड़पने के लिए वरासत में अड़ंगा लगा रहे हैं। चेतावनी दी कि हम लोग अब नायब तहसीलदार के कार्यालय के सामने अनशन करेंगे। इस संदर्भ में नायब तहसीलदार सुरेमनपुर दीपक कुमार सिंह का कहना है कि वरासत का मामला विचाराधीन है। मामले में विपक्षी ने आपत्ति दाखिल की हैं। वादी ने कोई अधिवक्ता नहीं रखा है। हमने बताया है कि वह अपना पक्ष स्वयं रख सकती हैं। न्यायिक प्रक्रिया के तहत मामले का निस्तारण किया जाएगा।