नगरा बाजार में सड़क की पटरी पर सजी सब्जी की दूकानें।संवाद
- फोटो : हड़ताल के दौरान फैक्टरी प्रबंधन से जुड़े लोग श्रमिकों से वार्ता करते हुए। संवाद
इंदरपुर। नगर पंचायत का दर्जा मिलने के छह वर्ष बाद भी नगरा बाजार में सब्जी मंडी के लिए जगह नहीं मिली। इससे सड़क की पटरियों पर 100 से ज्यादा की दुकानें लगती हैं, जिससे बाजार में जाम लगता है। सब्जी खरीदने और माल वाहक वाहनों के सड़क किनारे खड़ा होने के कारण आवागमन के लिए 2-4 फीट की जगह भी नहीं बचती।
वर्ष 2019 में नगरा ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा मिला। लोगों को उम्मीद थी कि बाजार की मूलभूत समस्याओं का समाधान होगा और सब्जी विक्रेताओं के लिए मंडी की व्यवस्था की जाएगी। छह वर्ष बीतने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
दूर-दराज के गांवों से आने वाले ग्राहक सड़क पर ही वाहन खड़ा कर खरीदारी करते हैं, जिससे बाजार क्षेत्र में अक्सर जाम लग जाता है।नगर पंचायत की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है, लेकिन कार्रवाई समाप्त होते ही सब्जी विक्रेता पुनः सड़क की पटरियों पर दुकानें सजा लेते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक स्थायी मंडी की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है।