बांसडीह स्थित गैस एजेंसी पर लगी उपभोक्ताओं की कतार। संवाद
बांसडीह। गैस सिलिंडर की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। रविवार की रात बांसडीह कचहरी गैस गोदाम पर सिलिंडर के लिए आधी रात से लोग कतार में लग गए। सोमवार की सुबह 9 बजे पता चला आज वितरण नहीं होगा। जिससे 100 से ज्यादा उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा।
उपभोक्ता विनय मिश्रा व दिग्विजय सिंह ने बताया कि रात 12 बजे से गोदाम के गेट पर सिलिंडर के लिए कतार में लगे थे। सुबह 9 बजे पता चला कि आज गाड़ी नहीं आएगी। किसी तरह की कोई सूचना को लेकर नोटिस भी नहीं चस्पा किया गया था। कतार में खड़ी गीता देवी, अंजली सिंह, प्रभावती देवी, शशिकला देवी, शिवरात्रि देवी ने बताया कि लकड़ी पर खाना बनाया जा रहा है। मंगलवार को गाड़ी आने की बात की जा रही है। पूर्ति निरीक्षक राजेश मिश्रा ने बताया कि गांवों में कोई अफवाह फैला दे रहा है कि कल सुबह गैस मिलेगा। इस पर उपभोक्ता लाइन लग गए थे। मंगलवार को गैस आने वाला है। जिन उपभोक्ताओं का आनलाइन बुकिंग हुई है, उन उपभोक्ताओं को पहले मिलेगा।
डीएसओ देव मणि मिश्रा ने बताया कि जिले में गैस सिलिंडर की किल्लत नहीं है। घर-घर सिलिंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। 20 प्रतिशत काॅमर्शियल गैस सिलिंडर मिलने के लिए पत्र भेजा गया है। उपलब्धता होते ही काफी हद तक समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों के बच्चे भूखे पेट लौट रहे घर
बैरिया । तहसील क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक परिषदीय विद्यालयों में एलपीजी गैस के अभाव में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) का संकट गहरा गया है। शुघर छपरा, सावन छपरा, जगदेवा और दलन छपरा सहित कई प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने गैस खत्म होने की लिखित सूचना ब्लॉक संसाधन केंद्रों को दी है। सिलेंडर न होने के कारण छात्र-छात्राओं को बिना भोजन के ही घर लौटना पड़ रहा है। एक तरफ जिला प्रशासन गैस की किल्लत से इनकार कर रहा है, वहीं धरातल पर कई स्कूलों में हफ्तों से खाना नहीं बना है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि जिन स्कूलों में केवाईसी या पासबुक की समस्या है, उसे तत्काल दुरुस्त कर सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। दूसरी ओर, एमडीएम समन्वयक अजीत पाठक का कहना है कि केवल दो स्कूलों में समस्या है और अन्य सभी जगह भोजन बन रहा है। संवाद