बलिया। रमजान का पाक महीना बृहस्पतिवार को मुकम्मल हो गया। इसके साथ ही शुक्रवार को रमजान के तोहफे के तौर पर ईद की खुशियां मनाई जाएगी। नगर के विशुनीपुर स्थित जामा मस्जिद के इमाम असरफ रजा ने बताया कि चांद के दीदार के साथ शुक्रवार को ईद का त्योहार मनाया जाएगा। बताया कि मस्जिद व ईदगाहों में पांच लोग ही नमाज अदा करेंगे। इसके अलावा अन्य बंधु अपने-अपने घरों पर नमाज अदा करेंगे। उधर, ईद को लेकर बाजारों में मुस्लिम बंधुओं ने खरीदारी की और तैयारियां पूरी कर ली।
मुस्लिमों के सबसे बड़े त्योहार ईद-उल-फितर की तैयारी जोरों पर है। ईद-उल-फितर इस बार 13 मई को नहीं मना क्योंदि चांद नजर ही नहीं आया। अब ईद शुक्रवार को मनाई जाएगी। हालांकि इस बार मीठी ईद पर कोरोना का साया रहेगा, कुछ पाबंदियों के बीच यह त्योहार मनेगा। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान के दौरान रोजे रखने वालों और नमाज अदा करने वालों के अल्लाह सारे गुनाह माफ कर देता है। वहीं ईद-उल-फितर के साथ रोजे खत्म हो जाते हैं। ईद-उल-फितर के दिन लोग सुबह नए कपड़े पहनकर नमाज अमन और चैन की दुआ मांगते हैं। इस दिन लोग आपस में गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की बधाई देते हैं। लेकिन इस बार कोरोना का साया रहेगा लिहाजा अधिकांश लोग अपने-अपने घरों में ईद मनाएंगे।