नगर पालिका अध्यक्ष साधना गुप्ता ने रविवार को कबीना मंत्री नारद राय के पुत्र नरेंद्र कुमार राय पर गंभीर आरोप लगाए। जापलिनगंज स्थित कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि विभिन्न कार्यों के लिए शासन से सात करोड़ 84 लाख रुपये आए थे।
मंत्री पुत्र इन सभी कार्यों के टेंडर हथियाना चाहते थे। तीन सितंबर को नरेंद्र राय कुछ लोगों के साथ पालिका कार्यालय में आए। उनकी फर्म का पंजीकरण कर सभी निविदाएं उन्हें देने के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाया । इसमें असमर्थता जताने पर उन्होंने अपने सहयोगियों को साथ कर्मचारियों से गालीगलौज की।
पालिकाध्यक्ष ने बताया कि तीन सितंबर को ही नरेंद्र कुमार राय व उनके सहयोगी ज्ञानेंद्र कुमार राय और शोभा ठाकुर पालिका कार्यालय पुलिस के साथ आए तीन फर्मों के नाम से 81-81 निविदा फार्म खरीद लिया। अन्य ठेकेदारों को फार्म खरीदने ही नहीं दिया गया। इस गड़बड़ी की शिकायत जिलाधिकारी से की गई।
इस प्रकरण में अपर जिलाधिकारी खेमपाल सिंह ने अधिशासी अधिकारी को निविदा स्थगित करने का आदेश दिया। इसके बाद अधिशासी अधिकारी ने निविदा स्थगित करने के लिए प्रपत्र मेरे समक्ष प्रस्तुत किया।
जिसका अनुमोदन करते हुए मैंने प्रपत्र को तत्काल नपा कार्यालय भेजवा दिया। इससे खफा मंत्री पुत्र के लोगों द्वारा उनके प्रतिनिधि पर जानलेवा हमला किया गया लेकिन प्रशासन ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
उसके बाद उनके प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्ता शहीद पार्क में धरने पर बैठे, तो सोची समझी साजिश के तहत पुलिस उन्हें उठा ले गई। उनकी पिटाई की गई। बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह परिवार की महिलाओं के साथ खाना लेकर गईं तो उनके साथ भी पुलिस ने दुर्व्यवहार किया।
आरोप लगाया कि सीओ और शहर कोतवाल ने जबरिया उन्हें वज्र वाहन में बैठा लिया। कहा कि सभासद और ईओ से उनका विवाद नहीं है। मंत्री के इशारे पर उन्हें बरगलाया जा रहा है। कहा कि पूरे प्रकरण की जानकारी मानवाधिकार आयोग से लेकर मुख्यमंत्री और आला अफसरों को दे दी गई है। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।