बलिया। प्रदेश सरकार ने मेडिकल काॅलेज निर्माण का शासनादेश जारी कर दिया गया है। मेडिकल कालेज महर्षि भृगु मुनि के नाम पर होगा और इसके लिए 437 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। शासन ने प्रथम किस्त 25 करोड़ जारी कर दिए हैं।
उप सचिव हरीश कुमार ने जारी पत्र में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी है। मेडिकल कॉलेज में बिजली के काम के लिए पांच करोड़ रुपये अनुमन्य हुए हैं। मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर धनंजय कुमार ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही कि जून में मुख्यमंत्री की ओर से शिलान्यास किया जाएगा।
जिला अस्पताल के मुख्य गेट से सीएमओ कार्यालय के बीच की सभी पुरानी ओपीडी को तोड़ कर उसकी जगह 10 मंजिला 200 बेड का मेडिकल भवन बनेगा। तब तक दूसरे परिसर के एनेक्सी भवन में फिजिशियन, बाल रोग व हड्डी रोग की ओपीडी व आरटी-पीसीआर लैब का संचालन होगा। ग्राउंड फ्लोर हड्डी रोग ओपीडी, प्रथम तल फिजिशियन व बाल रोग ओपीडी खुलेगी। जिसमें एक साथ दो से तीन डाक्टर बैठकर इलाज करेंगे।
सबसे ऊपरी मंजिल पर ऑडिटोरियम (सभागार) रहेगा। इसमें 20 आईसीयू की व्यवस्था रहेगी। आठ माड्यूलर ओपीडी के साथ अन्य सभी विभागों की ओपीडी रहेगी। माड्यूलर ओपीडी में जांच आदि से संबंधित उपकरण भी रहेंगे। मेडिकल काॅलेज में सभी तरह की आधुनिक चिकित्सकीय व्यवस्था रहेगी। प्रोफेसर, चिकित्सक व छात्रों के आवास व पढ़ाई संबंधित क्लास जिला कारागार परिसर में बनेगा। अस्पताल के दूसरे परिसर में अभी कुछ निर्माण नहीं होगा।
ढाई एकड़ में अमर सेनानी चित्तू पांडेय स्मारक बनेगा
मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति मिलने के बाद जिला प्रशासन ने नए जेल निर्माण को लेकर नारायणपाली में चिन्हित जमीन का स्थलीय जायजा लिया। मेडिकल काॅलेज कुल 14 एकड़ में बनेगा जिसमें जेल परिसर के ढाई एकड़ में अमर सेनानी चित्तू पांडेय स्मारक का निर्माण होगा। ऐसे में मेडिकल काॅलेज के साथ इसका भी निर्माण जिले के सेनानियों की गरिमा की याद में किया जाएगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रयास है कि इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री से ही कराया जाए।