बलिया। खेल व रचनात्मक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए युवा कल्याण विभाग की ओर से कवायद तेज कर दी गई है। योजना के तहत अब प्रत्येक गांव में एक युवक मंगल व महिला मंगल दल का गठन किया जाएगा। पूर्व के गठित मंगल दल को भी सक्रिय किया जाएगा। विभिन्न कार्यों में रुचि रखने वाले युवा अपने दल का पंजीकरण करा सकते हैं। अभी जिले में 1682 मंगल दलों का गठन किया जाना है।
प्रांतीय रक्षक व विकास दल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से ग्रामीण इलाकों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर कवायद की जाती है। बताया जाता है कि पिछले एक दशक से विभाग की ओर से ग्रामीण इलाकों में गठित युवक मंगल व महिला मंगल दल के सदस्यों तथा दल से जुड़े युवाओं को खेलकूद के लिए हर साल दो हजार रुपये की धनराशि प्रधान व संबंधित मंगल के संयुक्त खाते में भेजी जाती थी। लेकिन प्रधानों की ओर से इसको लेकर कोई खास रुचि नहीं लेने के कारण महीनों तक धनराशि खाते में पड़ी रह जाती थी और खेलकूद सामग्री की खरीदारी समय से नहीं हो पाती थी।
धनराशि से सामानों की खरीदारी को लेकर युवक या महिला मंगल दल व प्रधानों के बीच विवाद भी होता रहता था। इसे लेकर वर्ष 2019-20 में शासन ने धनराशि के स्थान पर खेलकूद सामानों की आपूर्ति करने की कवायद की है। शासन की ओर से खेलकूद, सामाजिक व अन्य रचनात्मक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए कवायद की गई है। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल के उप निदेशक मेघना सोनकर ने जिले के सभी गांवों में एक युवा मंगल व एक महिला मंगल दल का गठन करने का निर्देश दिया है। जिला युवा कल्याण अधिकारी ने बताया कि निदेशालय का निर्देश प्राप्त हो गया है। उन्होंने बताया कि जिले के कुल 948 गांवों में पहले से 128 युवा मंगल व 86 महिला मंगल दल गठित है। उन्होंने बताया कि 1682 युवा व महिला मंगल दल का गठन किया जाएगा इसके लिए युवाओं व महिलाओं से आवेदन लिए जा रहे हैं।
युवक व महिला मंगल दल को खेलकूद के लिए बतौर प्रोत्साहन कई तरह की सामग्रियां उपलब्ध कराई जाती हैं। इसमें खासकर फुटबॉल, वॉलीबॉल, वॉलीबाल नेट, लडकियों के लिए रस्सी, रबर की चेस्ट ब्राइडर आदि होती है।
जिला युवा कल्याण अधिकारी रमेशचंद्र यादव ने कहा कि शासन की ओर से खेलकूद व सामाजिक आदि कार्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक गांवों में युवा मंगल व महिला मंगल दल का गठन करने का निर्देश दिया गया है। इसे लेकर कार्रवाई शुरु कर दी गई है।