फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संदीप पांडेय का बीएचयू से निष्कासन वापस हो

Mon, 08 Feb 2016 10:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बलिया
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम विकास मंच तथा महिला विकास मंच के संयुक्त तत्वावधान में जनप्रतिरोध मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, वहां विशाल जनसभा का आयोजन किया गया।
विज्ञापन


ग्रामीणों द्वारा रेलवे स्टेशन से निकाले गए पद मार्च में सैकड़ों लोग शामिल हुए। इसके साथ ही केंद्र एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नारा लगाते हुए मंच के सदस्यों ने कहा कि बीएचयू के प्रोफेसर संदीप पांडेय का निष्कासन वापस लो, दलित भूमिहीन विरोधी नई राजस्व संहिता वापस लो।


कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए तारकेश्वर ने कहा कि आज पूरे देश में अंधविश्वास विरोधी, वैज्ञानिक सोच, तर्कशील, धर्मनिरपेक्ष, और लोकतांत्रिक बुद्धिजीवियों को शारीरिक रुप से खत्म करने के लिए हत्याएं की जा रही।
विज्ञापन


 साम्राज्यवाद परस्त ताकतें वैचारिक रुप से असहमत लोगों पर राष्ट्रद्रोही, चरमपंथी, नक्सलवादी, माओवादी का ठप्पा लगा रही है। अभी हाल में ही बीएचयू के आईटी के प्रोफेसर संदीप पांडेय के खिलाफ माओवादी का संदेह में बीएचयू से निष्कासित कर दिया गया।

हैदराबाद विश्वविद्यालय में रोहित वेेमुला की आत्महत्या, कबीर कलामंच के शीतल साठे पर संघियों द्वारा कातिलाना हमला, एमएम कुलबर्गी, गोविंद पानसरे, नरेंद्र दाभोलकर जैसे बुद्धिजीवियों की हत्या, उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के दलित चीमा को मंदिर के पुजारी द्वारा जिंदा जला देने की घटनाएं इसके ज्वलंत उदाहरण हैं।

 मुख्य वक्ता राजेश ने कहा कि भूमि अधिग्रहण अध्यादेश वापस हो जाने के बावजूद भी सूबे की सरकार इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर की 73 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन


 गुमटी व्यवसाय कल्याण समिति वाराणसी के चिंतामणि ने कहा कि प्रोफेसर संदीप पांडेय का निष्कासन हाईकोर्ट ने भी गलत माना है। भूमि अधिकार मोर्चा के राघवेंद्र ने कहा कि प्रदेश सरकार के जो राजस्व संहिता लागू की है वह दलित भूमिहीन विरोधी है। इस मौके पर जनसभा को संबोधित करने वालों में चंद्रमा, जिला संयोजक हरेंद्र राजभर, ब्रजेश, जमाल अंसारी, सुनील, जेपी वर्मा, क्रांति, सीमा आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें