फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ballia News: रितेश के कई नाम, कम उम्र में दर्ज है जान से मारने के आरोप में प्राथमिकी

विज्ञापन
विज्ञापन
हल्दी। बबुआपुर गांव निवासी किशोर रितेश यादव की उम्र भले ही 15 वर्ष थी, लेकिन उसके कारनामे बड़े थे। रितेश को रौनक,नकी, तेरेस, नक्का आदि नामों से लोग जानते थे। उसके के खिलाफ हल्दी थाने में जून 2025 में जान से मारने व चोरी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई।
विज्ञापन

आधार कार्ड पर मुद्रित नाम रितेश कुमार यादव है, जन्मतिथि दो फरवरी 2011 लिखा है, हालांकि यह नाम कोई नहीं जानता है। परिवार के लोग उसे रौनक उर्फ नकी के नाम से जानते हैं। मौत होने के बाद पिता नंदजी यादव ने पुलिस को दी तहरीर में रौनक ही नाम लिखवाया है। इसके अलावा गांव में उसे तेरेस उर्फ नक्का के नाम से लोग जानते हैं। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पिता नंदजी यादव ने तहरीर में बताया है कि बेटा गांव से लक्ष्मण छपरा गई बरात में गया था। लेकिन गांव के किसी ने उसे बरात में नहीं देखा था। मां सोनी देवी ने बताया कि आरोपियों ने बरात के बहाने उसको ले जाकर हत्या कर दी। संवाद

-
स्कूली में चोरी के मामले में दर्ज हुई थी प्राथमिकी : 11 जून 2025 को भाजपा के बेलहरी ब्लाॅक प्रमुख शशांक शेखर तिवारी के स्कूल में चोरी समेत मारपीट की घटना हुई थी। जिसमें मृत्युंजय तिवारी ने 12 जून 2025 को थाने में लिखित शिकायती की थी। इसमें आरोप लगाया था कि रात 11 बजे चोरी के लिए दर्जनभर लोग स्कूल में घुस आए थे। रखवाली करने वाले दो कर्मियों से मारपीट की गई। जिसमें छह नामजद समेत 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। एफआईआर में रितेश का नाम तरेश यादव उर्फ नाका यादव पुत्र नन्दजी यादव भी शामिल है।
विज्ञापन


आरोपी का ई-रिक्शा हुआ था चोरी
किशोर की मां सोनी देवी ने घटना को लेकर बताया कि तीन मार्च की रात में मनोज यादव का ई-रिक्शा गायब हो गया था, जो दो दिन बाद मिला। मनोज ने गांव में कई लोगों से कहा है कि मेरे ई-रिक्शा की बैटरी नहीं मिली है। उसको शक था कि रितेश ने ही ई-रिक्शे की चोरी की थी। इसको लेकर वह खारा खाया था। हालांकि इस मामले में कोई शिकायती पुलिस को नहीं दी गई थी।
-
रितेश को फोन किया तो किसी महिला ने रिसीव किया
रितेश यादव की मां सोनी देवी ने बताया कि उसने कुछ दिन पहले नया मोबाइल खरीदा था। मोबाइल उसके पास ही था। मंगलवार की सुबह करीब सात बजे उसके मोबाइल पर फोन किया गया तो एक महिला ने फोन उठाया, इसके बाद काट दिया। तब से उसका मोबाइल बंद है।


बहन को फोन करके बुलाया था रितेश
होली से पहले रितेश विवाहिता बहन काजल को फोन करके गांव पर बुलाया था। काजल सोमवार को ही बबुआपुर पहुंची थी। वह बार-बार यही कह कर रो रही थी कि बबुआ फोनवा करे बोलाया काहें...।मौत की सूचना के बाद तीन बड़ी विवाहित बहनें सुनीता, सबिता व गीता भी घर पहुंच गईं।

इंस्टाग्राम पर 1571 फॉलोअर्स
रितेश की सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम पर रौनक बाबू के नाम से आईडी है। उसके 1571 फॉलोअर्स व 50 पोस्ट डाली हैं। कम उम्र होने के बाद भी रील पर भोजपुरी व फिल्मी गाने पोस्ट करता था।दो दिन पहले दो दोस्तों की वीडियो पोस्ट की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें