बलिया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्टप्रथमकांत की अदालत ने किशोरी के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त नौशाद आलम निवासी सहरसपाली को दोषी पाया। 25 वर्ष के कारावास तथा 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सहतवार थाना क्षेत्र के वादी ने 24 अप्रैल 2024 को थाना सहतवार में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उसकी 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री दवा लेने बाजार गई थी, किंतु देर रात तक घर वापस नहीं लौटी। खोजबीन के दौरान पीड़िता के मोबाइल कॉल विवरण से अभियुक्त नौशाद आलम से लगातार संपर्क होने की जानकारी मिली। वादी की तहरीर पर थाना सहतवार पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की। विवेचना के उपरांत विवेचक ने अभियुक्त के विरुद्ध नाबालिग का अपहरण एवं दुष्कर्म किए जाने का आरोप प्रमाणित पाते हुए आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से पांच साक्षियों का परीक्षण कराया गया। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात न्यायालय ने अभियुक्त को आरोपित अपराधों का दोषी ठहराया।
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अभियुक्त के विरुद्ध गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी
सजा सुनाने के उपरांत अभियुक्त लगातार न्यायालय में अनुपस्थित रहा। न्यायालय द्वारा उसके विरुद्ध गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया तथा थाना सहतवार को अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। अभियुक्त के बार-बार अनुपस्थित रहने तथा जमानतदारों द्वारा उसे प्रस्तुत न किए जाने पर जमानतदारों की दो-दो लाख रुपये की जमानत राशि जब्त करने का आदेश दिया। 20 हजार रुपये के अर्थदंड में से 10 हजार रुपये पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान करने के लिए कहा। शेष राशि राज्य कोष में जमा करने के लिए कहा। साथ ही अभियुक्त के विरुद्ध स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए थाना सहतवार को आदेशित किया कि अभियुक्त की गिरफ्तारी होने पर उसे तत्काल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।