देशभर में मैगी को लेकर मचे कोहराम के बीच गुरुवार को दूकानों से सैंपल जुटाने पांच सदस्यीय टीम जिले में पहुंची। कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन की इस टीम ने खासकर ग्रामीण इलाकों की दूकानों से सैंपल एकत्र किए। हालांकि टीम में शामिल सदस्यों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि टीम तीन-चार दिनों के अंदर रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी।
देशभर में मैगी पर रोक लगने के बाद इसे लेकर कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी के मद्देनजर ज्यादातर दूकानदारों ने इस प्रोडक्ट को रखना ही बंद कर दिया है। कुछ दूकानदारों को जांच टीम के जिले में होने की भी भनक लग गई थी। यही वजह थी कि पांच सदस्यीय टीम को कई दूकानों से बिना सैंपल लिए ही लौटना पड़ा। हालांकि कई जगहों पर अब भी इसकी बिक्री धड़ल्ले से चल रही है।
गुरुवार को कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन की टीम ने ग्राहक बनाकर जगह-जगह दूकानों से मैगी खरीदने के बहाने उसकी चेकिंग की। इस संवाददाता ने जब जांच टीम के एक सदस्य सुनील चंडाला से इस बाबत बात की तो उन्होंने जांच से संबंधित कोई भी जानकारी देेने से इंकार कर दिया, जबकि एक सदस्य ने नाम न प्रकाशित करने के अनुरोध पर बताया कि यहां के मैगी में लेड की मात्रा अधिक हो सकती है, लेकिन स्पष्ट तौर पर कुछ भी जांच के बाद ही कहा जा सकता है।
नगर के मैगी डिस्ट्रीब्यूटर्स के यहां से काफी पहले से ही मैगी के कार्टन वापस होने लगे हैं। इसके एवज में दूकानदारों को पैसा वापस न कर बिल दिया जा रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो छोटे-बड़े दूकानदार अब तक 27, 329 कार्टन मैगी डिस्ट्रीब्यूटर को वापस कर चुके हैं। मैगी की वापसी का सिलसिला अब भी जारी है।