पूर्व सीएम ने कहा कि युवाओं की नौकरी छीनने के बाद ये लोग अब संविधान भी छीनना चाहते हैं। संविधान बदलने वालों को आप लोग बदल दें। लखनऊ और दिल्ली वालों की अब भाषा बदल गई है। जब किसी का आत्मविश्वास लड़खड़ा जाता है तो उनकी जबान भी लड़खड़ाने लगती है। अब कुछ भी बोलना शुरू कर दिया है। इन्होंने वैक्सीन लगवाई। कर्मचारियों को जबरदस्ती लगवा दी। इंसान की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। जिस कंपनी से वैक्सीन बनवाई, उससे चुनाव में चंदा वसूल लिया।
अखिलेश ने जन समूह से पूछा इन्होंने महंगाई बढ़ाई की नहीं। भीड़ ने उत्तर दिया हां। कहा कि चुनाव से पहले राशन, नमक, तेल दे रहे थे। अब इनके राशन की क्वालिटी घटिया हो गई है। हमारी सरकार बनने पर आटा के साथ डाटा भी फ्री देंगे। सरकारी नौकरी के 30 लाख पद खाली पडे़ हैं। हम नौजवानों को पक्की नौकरी देंगे। इन्हें आरक्षण के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे। हम आरक्षण के साथ नौकरी देंगे। शिक्षामित्रों व 69 हजार अभ्यर्थियों की मदद करेंगे। इन लोगों ने किसानों को संकट में डाल दिया है।
अखिलेश ने कहा कि जनता ने भाजपा का बैंड बजा दिया है। चुनाव में बहुत कम दिन शेष रह गए हैं। भाजपा के झूठ में नहीं आना है। गठबंधन की सरकार बनने पर मित्र मंडल, मंत्रीमंडल के साथ ही मीडिया मंडल भी बदलेगा। गरीबों की एंबुलेस व 100 नंबर की गाड़ी हमारी सरकार ने चलवाई थी। उसे भी इन लोगों ने खराब कर दिया। भाजपा हारेगी तो हमारा संविधान बचेगा। भाजपा हराओ नौकरी पाओ। भाजपा वालों ने बहुत झूठ बोले हैं। अब हार का इन्हें एहसास हो गया है। इसलिए इनकी जुबान भी लड़खड़ाने लगी है।