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लॉकडाउन ने साड़ी कारोबार को किया सुस्त, ग्राहकों की आवक कम होने से प्रभावित हुई आय

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कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन कर रखा है। जिसके चलते देश में बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री और साड़ी मिलें रुक गईं हैं। जिससे मांग के अनुरूप आपूर्ति बाधित हो गई है। ऐसे में जिले के साड़ी के कारोबार से जुड़े लोगों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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काम धंधे बंद होने से कमतर हुई आम आदमी की आय और बाहर से आने वाली साड़ी की आपूर्ति में दिक्कत जले में नमक का काम कर रही है। जिले के साड़ी व्यापारियों के अलावा उनका परिवार और इस व्यवसाय से अपनी जीविका चलाने वाले कामगार सुस्त पड़े साड़ी कारोबार से न सिर्फ आहत हैं बल्कि राहत के लिए सरकार की ओर टकटकी लगाए हैं।

जिले के साड़ी व्यापारी आशीष गर्ग बताते हैं कि जब से लॉकडाउन हुआ है, तभी से साड़ी कारोबार बैठ गया है। लोग सिर्फ रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी पर जोर दे रहे हैं। साड़ी कारोबार की गिनती भले ही आवश्यक वस्तुओं में नहीं होती हो, लेकिन इससे कईयों की रोजी रोटी जुड़ी है। आने वाले कई महीनों तक साड़ी व्यापार को घाटे से उबर पाने की भी उम्मीद दूर-दूर तक नहीं दिखाई पड़ रही है।
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मोनालिसा फैशन वर्ल्ड की संचालिका ऊर्वशी बताती हैं कि जिले में साड़ी का कारोबार सालाना 15 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का है। जो अब महज तीन से चार करोड़ पर आकर सिमट गया है। ऐन वक्त पर हुए नुकसान और आने वाले वक्त को देखकर यह नहीं लगता कि आगामी अक्टूबर माह के पहले साड़ी का कारोबार फिर से सरवाइव कर सकता है, क्योंकि साड़ी या वस्त्र कोई आवश्यक वस्तु न होकर लग्जरी आइटम है। इसकी खरीददारी अधिकतर वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए की जाती है।
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