श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग में बुधवार को कोविड-19 का पर्यावरण पर प्रभाव सत्य या मिथ्या विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें देशभर के नामी वैज्ञानिकों ने अपने विचार रखें। प्रोफेसर राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि कोविड-19 का वातावरण पर ना सिर्फ अनुकूल बल्कि प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ा है, क्योंकि इस दौरान पीपीई किट, मास्क और मेडिकल वेस्ट आदि का बहुतायत प्रयोग हुआ है।
कहा कि अनुकूल प्रभाव में कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी हुई है। डॉ. हेमंत कुमार गौतम ने बहुत सारे प्रमाणों के साथ इस बात का दावा किया कि कोविड-19 वायरस चीन के वुहान शहर में मनुष्य द्वारा निर्मित किया गया है। क्योंकि इसमें एचआईवी वायरस, बैट कोरोना वायरस तथा न्यू वुहान वायरस के जीन के अंश पाए गए हैं। डॉक्टर कृपा राम ने कहा कि यह वायरस हवा में फैलने में सक्षम है। डॉक्टर आलोक सागर गौतम ने लॉकडाउन के दौरान विभिन्न शहरों में वायु प्रदूषण में हुई कमी पर चर्चा की। डॉ. गणेश पाठक बताया कि लॉकडाउन ने पर्यावरण को संजीवनी दी है।
इसके पूर्व वेबिनार का उद्घाटन जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कल्पलता पांडे ने किया। इस अवसर पर मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिलीप श्रीवास्तव एवं प्रबंध समिति के अध्यक्ष राकेश कुमार के अलावा डॉ दयानंद राय, डा.हृदयानंद, डॉक्टर सुचेता प्रकाश, डॉ सुधा राणा, डॉक्टर मनोहर, डा. आरपी राघव आदि रहें।