बलिया। जिले में बारिश का इंतजार लंबा होता चला जा रहा है। करीब एक सप्ताह से बारिश का इंतजार किसान धान रोपाई के लिए कर रहे हैं लेकिन काले बदला रोज ललचा कर चले जा रहे है। जून माह के अंदर व जुलाई के प्रथम सप्ताह में अच्छी बारिश की उम्मीद थी लेकिन शुरुआत में हुई बारिश से किसान खेतों की जोताई कर लिए हैं। उनकी धान की नर्सरी भी पूरी तरह से तैयार है। बस उन्हें एक अच्छी बारिश का इंतजार है, जिससे खेतों में रोपाई शुरू हो सके। मंगलवार को जिले के कुछ क्षेत्रों में तेज तो कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हुई लेकिन वह धान की खेती के पर्याप्त नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार 5.2 एमएम बारिश हुई है। वहीं, अधिकतम तापमान 32 व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह से मौसम बारिश का बनता बिगड़ता रहा। दिन भर धूप व छांव के बीच उसम भी बना रहा। लोगों को अच्छी बारिश की उम्मीद थी लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। गांधी महाविद्यालय मिड्ढा के मौसम वैज्ञानिक प्रो. सुरेश सिंह ने बताया कि मौसम लगातार बदल रहा है। एकाध दिन मौसम इसी तरह रहने का अनुमान है।
सिकंदरपुर में झमाझम बारिश से गलियां हुई जलमग्न
सिकंदरपुर। मंगलवार की दोपहर कस्बे में हुई तेज बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं नगर सहित ग्रामीण इलाके की जलनिकासी व्यवस्था की पोल भी खुल गई। करीब एक घंटे तक मूसलधार बारिश होने से कई मोहल्लों व गांव की गलियां और सड़कें पानी से भर गईं। नालियों का गंदा पानी उफनकर सड़कों पर आ गया, जिससे लोगों को कई समस्या से जूझना पड़ा। बस स्टैंड, किला कोहना, गंधी मोहल्ला और मुख्य बाजार सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति नारकीय हो गई।