बलिया। सप्ताह भर तक हुई बारिश से विद्युत व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। कहीं तार टूटने, उपकेंद्र में पानी घुसने तो कहीं ट्रांसफार्मर जलने से जिले के 200 से अधिक गांवों में बत्ती गुल है। अलग-अलग गांवों में कुल 113 ट्रांसफार्मर जले पड़े हैं। कई स्थानों पर पेड़ों की डाल टूटने से तार टूटकर गिर गए हैं। शहर के कई इलाकों में 48 घंटे तक बिजली गुल रहने के बाद मंगलवार को आपूर्ति बहाल हुई।
गड़बड़ी में कमी लाने के लिए शहर में अक्सर कार्य होता है लेकिन लगातार बारिश के चलते बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। नगर का फीडर चार जवाब दे गया है। शनिवार की शाम बिजली आपूर्ति बहाल हुई तो एक बार फिर बारिश ने बिजली आपूर्ति की बेपटरी कर दी। सिविल लाइन में दो जगह ट्रांसफार्मर जलने व अन्य फॉल्ट आने से कलेक्ट्रेट से लेकर पुलिस लाइन, तिखमपुर, विवेकानंद कालोनी, रेवती स्टैंड, मिड्ढी में बिजली गुल रही। नगर की पॉश कॉलोनी चंद्रशेखर नगर, विवेकानंद कॉलोनी, प्रोफसर कॉलोनी में चार दिनों से बिजली कटौती हो रही है। इन कालोनियों में एक में सिविल लाइन तो दूसरे में फीडर चार से बिजली आपूर्ति होती है। दोनों फीडर में फाल्ट के कारण बिजली आपूर्ति एकदम से चरमरा गई है। मंगलवार की दोपहर इन कॉलानियों में बिजली की आपूर्ति बहाल होने से राहत मिली।
वहीं फीडर चार में फॉल्ट आने के कारण जलालपुर, उमरगंज, बहेरी, चंद्रशेखर नगर, सतनी सराय आदि मोहल्लों की बिजली गायब रही। बारिश के कारण हैबतपुर से लगायत फेफना तक कुल पांच जगहों के ट्रांसफार्मर फूंक जाने के कारण गंगहरा, थम्हनपुरा, इंदरपुर, वैना, बघेजी, अंजोरपुर, कोट अंजारेपुर, इंदरपुर नईबस्ती, इच्छा चौबे के पुरा, चेरूइया आदि कुल 20 गांवों में सुबह तक बिजली गुल रही। मनियर। मनियर विद्युत सब स्टेशन में बरसात का पानी घुस गया है वहीं, छत से मशीनों पर पानी टपक रहा है। इसके चलते कर्मियों ने 24 घंटे तक विद्युत सप्लाई बंद रखी। बिजली कटने से क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, दशकों पुराने बने सब स्टेशन के मकान की छत जर्जर होने से पानी मशीन के ऊपर टपक रहा है। मशीनों को बचाने के लिए तिरपाल लगाकर काम चलाया जा रहा है। जेई चंदन कुमार ने बताया कि विद्युत उप केन्द्र तीन तरफ से पानी घिरा है। पानी का रिसाव के चलते विद्युत सप्लाई बाधित है। पानी निकलते ही विद्युत बहाल कर दी जाएगी।
अधीक्षण अभियंता रामकिशोर ने बताया कि अनवरत बारिश होने के कारण विद्युत उपकेंद्र पर भर गया है। वहीं जगह-जगह पेड़ आदि टूट जाने के कारण संबंधित फीडरों में बिजली आपूर्ति रोक दी गई है। बारिश खत्म होते ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। जहां माइनर फॉल्ट है, वहीं बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है। मेजर फॉल्ट को दुरुस्त करने के बाद ही बिजली आपूर्ति संभव है।
बिजली आपूर्ति के लिए किया सड़क जाम: सुखपुरा। विद्युत सब स्टेशन के सामने सुखपुरा-बांसडीह रोड पर मंगलवार को लगभग दस दिनों से बिजली की आपूर्ति नहीं होने से नाराज करम्बर गांव के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के नेतृत्व में चक्का जाम कर कर दिया। सुखपुरा पुलिस के हस्तक्षेप एवं करम्बर गांव में बिजली आपूर्ति बहाल होने पर उपभोक्ताओं ने एक घंटे बाद जाम समाप्त किया। विद्युत सब स्टेशन सुखपुरा से ही करम्बर गांव को बिजली सप्लाई होती है। पिछले 10 दिनों से करम्बर में विद्युत आपूर्ति नहीं हो रही थी फिर मौसम की खराबी के चलते करम्बर गांव में विद्युत आपूर्ति की रही-सही आशा भी खत्म हो गई। इससे आक्रोशित उपभोक्ताओं ने मंगलवार को सब स्टेशन पर पहुंचकर सब स्टेशन के सामने बांसडीह-सुखपुरा मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। जाम के चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोगों को आने जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस बीच सुखपुरा कस्बे के आधा दर्जन से अधिक निजी विद्यालयों की छुट्टियां हो गई और स्कूली वाहन उधर जाने लगे। जाम कर्ताओं ने स्कूली वाहनों को भी रोक दिया जिसके चलते लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार यादव ने ग्रामीणों को समझाया एवं विद्युत अधिकारियों से बात कर करम्बर गांव में बिजली आपूर्ति बहाल करने का अनुरोध किया। करम्बर गांव में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई तब ग्रामीणों ने जाम खत्म किया। सुबह 10 बजे से 11 बजे तक जाम सड़क जाम रहा। इस मौके पर ग्राम प्रधान राजेश सिंह, अंकित सिंह, गौरव, संटू राजभर, संतोष, वकील अंसारी, राजू गुप्ता, जनार्दन वारी, राजन सिंह, भोलू सिंह आदि रहे।
एक सप्ताह से साठ गांवों में अंधेरा : सुखपुरा। बारिश ने विद्युत विभाग की कलई खोल कर रख दी। पेड़ों के डालियों की कटाई न होने व पोल की ग्राउंडिंग नहीं होने से जहां तहां पोल उखड़ गए हैं। बाकी कसर बारिश ने पूरा कर दिया है। पिछले साल भी विद्युत उप केंद्र के छत का मरम्मत कार्य हुआ लेकिन छत से पानी रिसाव होने की वजह से आपूर्ति करने वाली मशीने भीग रही हैं जिसे प्लास्टिक से ढकने का कार्य किया गया है। बरसात शुरू होने से कुछ दिन पूर्व ट्राली जल गई थी। विभागीय कर्मचारियों ने अथक मेहनत कर उसको चालू करवाया। कुछ देर बाद बारिश होने लगी जिसके बाद करीब पांच दर्जन गांव सुखपुरा, भरखरा, कुम्हीया, सुल्तानपुर, बेरुवारबारी, करमर, धनौती, शिवपुर , बोड़ीया, भलूही, भोजपुर में एक सप्ताह से विद्युत आपूर्ति बाधित है।