अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक ज्ञान प्रकाश तिवारी की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
वादी मुकदमा मनोज कुमार राजभर पुत्र भोला राजभर ने थाना खेजुरी में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसकी बहन ममता राजभर (25) की शादी ग्राम करम्मर में श्याम बहादुर राजभर पुत्र स्व. श्रीराम राजभर निवासी खेजुरी से हुई थी। पति श्याम बहादुर राजभर (28), सास चिंता देवी (46), देवर संतोष राजभर (19), ननद मीना राजभर (29), ननद रोशनी राजभर मोटरसाइकिल और दो लाख की मांग की।
न देने पर बहन को प्रताड़ित करते थे। 27 अक्टूबर 2019 को सास चिंता देवी, ननद मीना और रोशनी, देवर संतोष राजभर ने गला दबाकर हत्या कर दी। दौरान विवेचना विवेचक ने श्याम बहादुर राजभर, चिंता देवी, रोशनी राजभर निवासी करम्मर के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय भेजा। अभियोजन के तरफ से विजय शंकर पांडेय सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद श्याम बहादुर राजभर और चिंता देवी को दोषी पाया। आजीवन कारावास से दंडित किया।