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धूल भरी आंधी के साथ हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त,महिला की मौत

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बलिया। शुक्रवार की सुबह चली धूल भरी आंधी और उसके बाद हुई झमाझम बरसात ने जनजीवन को अस्त -व्यस्त कर दिया। हवा के तेज थपेड़ों ने कई पेड़ों को जमीदोंज कर दिया। खेतों में रखें फसलों के बोझ भी आंधी के कारण इधर-उधर हो गये। जबकि दुबहर में दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गयी। विद्युत पोल व तारों के क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति भी ठप हो गई है। बारिश के बाद दिनभर मौसम सुहावना बना रहा। बेमौसम हुई वर्षा ने नगर के गली-मोहल्लों को भी जलमग्न कर दिया। इसके कारण लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति में जुटे कर्मयोगियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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दुबहर: शुक्रवार की सुबह आई आंधी में दीवार गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों ने आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। गामा चौधरी की पुत्रवधू सावित्री देवी 42 वर्ष पत्नी संजय यादव घर का कुछ कार्य कर रही थी। इसी बीच तेज आंधी के कारण छत पर बनी दीवार उसके उपर गिर गई।
नरही: बेमौसम हुई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। खलिहानों में रखे भूसे उड़ गए तो कहीं अनाज भीग गया। इतना ही नहीं मड़ाई कार्य को भी बारिश ने रोक दिया। इसके अलावा आम के फसल को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।
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बांसडीहरोड: लाकडाउन दो के साथ बिन मौसम आंधी व बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। खेतों में आंधी-बारिश ने जमकर तबाही मचायी। सब्जी की खेती व आम की फल को इससे काफी नुकसान हुआ है। विभिन्न मार्गों पर जलजमाव हो गया।
दयाछपरा: शुक्रवार को सुबह 9:00 बजे आयी आंधी और उसके बाद हुई जोरदार बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी। सबसे ज्यादा नुकसान सब्जी की खेती करने वाले किसानों को उठाना पड़ा है। साथ ही उन किसानों के लिए भी बारिश परेशानी का सबब बनी है, जो अब तक फसलों की कटाई करने के बाद मड़ाई नहीं कर पाए है।
चिलकहर: शुक्रवार की सुबह तेज आंधी के साथ हुई मूसलधार बारिश ने किसानों के लिए चिंता का सबब बन गई है। बहुतेरे किसानों का गेहूं की मड़ाई नहीं हो पाई है, जिसको लेकर अन्नदाता काफी चिंतित हैं। वहीं आंधी की वजह से आम के पेड़ों पर लगे फल भी गिर गये है। जबकि कई जगह बिजली के तार भी टूट गए जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।
रेवती: धूलभरी तेज हवाओं तथा गरज-तड़प के बीच हुई बरसात के चलते कम्बाइन मशीन द्वारा काटे गए गेहूं के डंठलों के भींग जाने से भूसा उत्पादन के घटने की संभावना बढ़ गई है। कम्बाइन के कटिंग के बाद तीन सप्ताह के अन्दर गेहूं की कटाई के बीच तीसरी बार शुक्रवार की सुबह पानी बरस गया।
बैरिया: तहसील क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह गरज और चमक के साथ बरसात ने किसानों की मंशा पर पानी फेर दिया। इलाके के अधिकत्तर किसानों का मड़ाई का कार्य होना था, लेकिन बारिश ने कृषि कार्य को ठप कर दिया है। जिससे अन्नदाता परेशान है। बारिश के कारण कई किसानों का भूसा भी भींग गया है। इसके अलावा आंधी के कारण आम की फसल को भी व्यापक क्षति हुई है।
10 मई तक बिगड़ा रहेगा मौससम का मिजाज: डॉ. पाठक
रामगढ़। खगोलविद डा. गणेश पाठक ने बताया कि मौसम का ये बिगड़ता स्वरूप अभी दस दिनों तक दिख सकता है। बताया कि इस वक्त समुद्री तट पर कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, इससे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और इसके आसपास के इलाके में चक्रवात आने की आशंका पैदा हो गई है। जिसके कारण कई राज्यों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है। मौसम का ये बदलाव पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश में बारिश ला सकती है तो वहीं राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और गुजरात में धूल भरी आंधी चल सकती है। साथ ही बिहार, झारखंड के कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है।
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