नगर के टाउन हाल रोड में ठंड से निजात पाने के लिए अलाव पर हाथ सेंकते दुकानदार।
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बलिया। मौसम के मिजाज में निरंतर हो रहे उतार-चढ़ाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तापमान गिरने और जिले में शीतलहर का प्रकोप जारी है। रविवार को जिले में अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री रहा। वैसे तो महीने के शुरुआती सप्ताह में कड़ाके की ठंड के बाद पारा अचानक ऊपर चढ़ गया और लोगों को ठंड से राहत मिली लेकिन तापमान बढ़ने को लेकर किसान चिंतित हो उठे। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में आई तब्दीली के प्रभाव से 11 जनवरी की शाम से शीतलहर चलने लगी और ठंड में इजाफा होने लगा। यह क्रम अब भी बदस्तूर जारी है, जिसके कारण लोग घरों में दुबकने को विवश हैं। उधर, कई दिनों बाद ठंड बढ़ने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। वर्ष 2020 के जनवरी महीने में शीतलहर के साथ-साथ कुहासे का भी कहर था, लेकिन इस बार कोहरे के बजाय गलन भरी ठंड से जहां एक ओर जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ, वहीं किसानों में खुशी है।
पिछले पांच सालों में बढ़ता गया ठंड
बलिया। पिछले पांच सालों में धीरे-धीरे ठंड में इजाफा होता गया है। 17 जनवरी को वर्ष 2017 में अधिकतम 26 और न्यूनतम 10 डिग्री तापमान रहा। वर्ष 2018 में आज के दिन 23 और 10 डिग्री, वर्ष 2019 में 25 और 10 डिग्री और वर्ष 2020 में 17 जनवरी को तापमान 19 और 9 डिग्री रहा।
तिथि अधिकतम न्यूनतम
एक जनवरी 22 07
दो जनवरी 22 09
तीन जनवरी 24 12
चार जनवरी 24 13
पांच जनवरी 24 14
छह जनवरी 27 14
सात जनवरी 27 13
आठ जनवरी 27 13
नौ जनवरी 25 14
10 जनवरी 27 13
11 जनवरी 25 13
12 जनवरी 20 07
13 जनवरी 19 07
14 जनवरी 20 07
15 जनवरी 20 08
16 जनवरी 22 09
17 जनवरी 21 09
अगले दो दिनों तक रहेगी कड़ाके की ठंड
नरही। तेज धूप निकलने में अभी 4 दिन का और समय लग सकता है। तापमान में मामूली गिरावट की संभावना है। मौसम विभाग केंद्र पटना के निदेशक विवेक सिन्हा ने बताया कि पूरा मौसम साफ होने में 4 से 5 दिन लग सकता हैं। उन्होंने बताया कि पूरी तरह तेज धूप भी अभी नहीं निकलेगी। आसमान में धुंध बना रहेगा। तापमान में न्यूनतम एवं अधिकतम में मामूली वृद्धि हो सकती है।
व्यापार पर पड़ा प्रतिकूल प्रभाव
चौकिया मोड़। मौसम के बदले मिजाज से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चला है। पछुआ हवा के चलते क्षेत्र में ठंड एवं गलन का प्रकोप जारी है। एकाएक कड़ाके की ठंढ में इजाफा होने से लोग घरों एवं अलाव के करीब नजर आने लगे हैं। ठंढ बढ़ने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहक भी बाजार में कम नजर आने लगे हैं, जिसके चलते व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। आसमान में बादल छाए होने के चलते कई दिनों से सूर्य नहीं निकलने के चलते पशु पक्षी एवं लोगों के जनजीवन पर इसका बुरा प्रभाव है। उधर, ठंड के मौसम में भी शहरीय इलाके से लेकर ग्रामीण इलाके के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई है।