जयप्रकाश नगर। क्षेत्र के शोभाछपरा में 24 फरवरी को एचटी तार टूटने से हुए हादसे में दलजीत टोला निवासी तीन दोस्तों की मौत मामले में विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बिना मौके पर जांच किए ही अंतिम रिपोर्ट लगाकर निस्तारित कर दिया है। यह आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मजिस्ट्रिीयल जांच में भी लोगों ने लीपापोती का आरोप लगाया।
इस मामले में बुधवार को हुई मजिस्ट्रीयल जांच में शोभाछपरा, दलजीत टोला आदि गांवों से रणधीर सिंह, मनोज कुमार गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद, पारस सिंह, गोपाल गुप्ता, संजय गुप्ता, सिनोध गुप्ता, प्रभात सिंह, दुर्गविजय सिंह, आशीष सिंह, देवधारी यादव, गौतम यादव, मनीष सिंह, रजनीश सिंह, अजीत कुमार सिंह सहित दो दर्जन से अधिक लोगों ने अपना बयान दर्ज कराया है। इन लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए हादसे के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार माना है। चेतावनी दी है कि अगर लापरवाह विद्युत विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो गांव के लोग सामूहिक रूप से न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
उधर, जयप्रकाशनगर के कई लोगों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बताया कि शोभाछपरा गांव में एचटी तार से हुए हादसे की जांच और विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया था। इस मामले में विद्युत विभाग के अधिकारियों ने जांच में लीपापोती की है। आरोप लगाया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम आजमगढ़ की ओर से शासन में ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव को जांच रिपोर्ट भेजी गई है, जिसमें कहा गया है कि चलती लाइन में अचानक इंसुलेटर के पंचर होने से तेज जर्क के साथ तार टूटकर नीचे गिर गया। इसके चलते यह हादसा हो गया। संबंधित उपकेंद्र ठेकहा के बारे में लिखा गया है कि तार टूटने के बाद उपकेंद्र की ट्रिपिंग सिस्टम की जांच की गई, जो सही पाया गया।
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