सदर तहसील क्षेत्र के भरौली में फर्जी वरासत करने के मामले में जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने सदर तहसील में सम्बद्ध रजिस्ट्रार कानूनगो तथा तत्कालीन राजस्व निरीक्षक फेफना चंद्रदेव को निलंबित कर दिया है। जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से सदर तहसील में हड़कम्प मचा हुआ है।
इसी प्रकरण में दो लेखपाल शैलेन्द्र सिंह व अविनाश प्रकाश राय पहले ही सस्पेंड हो चुके हैं। भरौली गांव राजस्व निरीक्षक सोहांव के क्षेत्र में आता है जबकि वरासत सम्बन्धी यह कार्य राजस्व निरीक्षक फेफना द्वारा कर दिया गया था। इसका खुलासा अमर उजाला ने 13 अगस्त को किया था।
बताया जाता है कि भरौली के गांव के सिद्धनाथ राय का विवाद पट्टीदारों से काफी दिनों से चल रहा है। कुछ वाद तहसील न्यायालय में तो कुछ मामले दिवानी कोर्ट में हैं। लेकिन इसी बीच फेफना के राजस्व निरीक्षक के आदेश पर लेखपालों ने 11 मौजे की जमीनों पर नामांतरण कर दिया। इसकी जानकारी जब सिद्धनाथ को हुई तो उन्होंने जांच कर नामांतरण निरस्त करने की गुहार डीएम से लगाई थी।
डीएम के निर्देश एसडीएम ने मामले की जांच कर डीएम को रिपोर्ट भेजी। जांच में सामने आया कि वसीयतनामा सम्बन्धी वाद तहसीलदार न्यायालय में विचाराधीन ही था कि उक्त राजस्व निरीक्षक द्वारा वरासत दर्ज कर दिया गया। एसडीएम ने फर्जी तरीके से किए नामांतरण को निरस्त करने के बाद गड़बड़ी करने वालों के निलंबन की संस्तुति डीएम से की थी। निलंबित कानूनगो को कलेक्ट्रेट के भूलेख अनुभाग से सम्बद्ध कर दिया है।
जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने बताया कि राजस्व निरीक्षक को कार्रवाई के तहत निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले भी जांच के बाद दो लेखपाल निलंबित हो चुके हैं।