बैरिया। बारिश के बाद सरयू नदी बढ़ने लगी है। गोपालनगर टाड़ी व शिवाल गांव के बीच कटान तेज हो गई है। इससे ग्रामीण सकते में आ गए हैं। पिछले तीन साल में दोनों गांव की उपजाऊ जमीन और लगभग 159 कच्चे, पक्के व झोपड़ीनुमा मकान कटान की भेंट चढ़ गए हैं। सरयू नदी गेज चांदपुर से जारी सूचना के अनुसार रातभर में सरयू नदी का जलस्तर चार सेंटीमीटर बढ़ा है।
गोपालनगर टाड़ी एवं शिवाल,अधिसीझुवा, गोपाल नगर, वशिष्ठ नागर आदि के सिवान में उपजाऊ जमीन तेजी से कट रही है। गोपाल नगर टाड़ी में 2022 में 55 मकान, 2023 में 60 मकान व वर्ष 2024 में 54 मकान सहित कल 159 मकान सरयू नदी की कटान में बह गए। विभागीय अभिलेख के अनुसार सभी पीड़ितों को मकान का अनुदान दे दिया गया है। इसमें राजा राम पुत्र दीनानाथ तथा धनु पुत्र रामनाथ का खाता अपडेट नहीं होने के कारण अनुदान नहीं मिला है। पांच कटान पीड़ित को गोपाल नगर में ही आवासीय पट्टा दिया गया, जबकि गोपालनगर में ही 10 कटान पीड़ितों को पट्टा देने के लिए प्रस्ताव दिया गया है। आठ कटान पीड़ित को मून छपरा में पट्टा दिया गया।
गोपालपुर में मिले पट्टे को कटान पीड़ितों ने यह कह कर लेने से इन्कार कर दिया कि उक्त जगह के नजदीक ही सरयू नदी का कटान क्षेत्र है। मून छपरा में जिन कटान पीड़ितों को पट्टा दिया गया उनका कहना है की मून छपरा दूर है। सुरेमनपुर के आसपास हमें पट्टा मिले तो दिक्कत नहीं है। तहसील प्रशासन सारे कटान पीड़ितों को चांददीयर में बकुलहा स्टेशन के नजदीक पट्टा देने पर प्रस्ताव किया है। यह भूमि राजस्व, रेल प्रशासन व वन विभाग के बीच उलझा हुआ है। तीनों विभागों का कहां से परिसीमन है अभी तक तहसील प्रशासन द्वारा तय नहीं किया गया है। उप जिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि हमारे आने के बाद यह मामला मेरे सामने नहीं आया। अब आया है जिसे जल्द ही निस्तारित कर दिया जाएगा।
करोड़ों खर्च के बाद भी खतरा : पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गंगा व सरयू धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगी हैं। ऐेसे में बाढ़ से बंधों के साथ गांवों को बचाने के लिए इस साल 98 करोड़ की 14 परियोजना पर कार्य कराया जा रहा है, फिर भी तटवर्ती लोगों में दहशत है। गोपालनगर टाड़ी व शिवाल मठिया के बीच लगभग 10 करोड़ से हुए कटानरोधी कार्य के बीच नदी ने कटान का रास्ता खोज लिया है। प्रतिदिन करीब 10 फीट उपजाऊ भूमि नदी में समाहित हो रही है। अभी तो नदियाें का जल स्तर बढ़ना शुरू हुआ है। नदियां जब उफान पर आएंगी तो कटान और तीव्र होगी। बाढ़ विभाग का दावा है कि संचालित 14 परियोजनाओं से दोनों नदियों से होने वाली कटान पर रोक लगेगी।
अधिशासी अभियंता बाढ़ संजय मिश्रा ने बताया कि सरयू से गोपालनगर टाड़ी व शिवाल गांव के बीच कटान रोकने की कवायद चल रही है। कटानरोधी कार्य स्थल पर नदी का कोई असर नहीं है। कटान रोकने के लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। बोल्डर, जाली व बोरी को रिजर्व रखा गया है।
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6.28 करोड़ रुपये से बन रहा ठोकर अधूरा : बांसडीह। तहसील क्षेत्र के खादीपुर में कटान रोकने के लिए 6.28 करोड़ रुपये से घाघरा नदी के किनारे ठोकर बनाया जा रहा है। ठोकर बनाने का काम अप्रैल से शुरू है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हुआ है। बाढ़ आने पर तटवर्ती इलाके के 400 परिवार प्रभावित हो सकते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्य 15 जून से पहले ही पूरा हो जाना था, लेकिन अभी तक केवल 65 प्रतिशत कार्य हो सका है। ग्राम प्रधान खादीपुर शारदानंद साहनी ने बताया कि समय रहते अगर पूरा काम नहीं कराया जाता है, तो काफी नुकसान होगा और इस बार कटान हुआ तो बाढ़ गांव के लगभग 400 परिवार घर से बेघर हो जाएंगे। प्रधान का कहना है कि अगर ठोकर का निर्माण कार्य पूरा नहीं होता है, तो गांव के अस्तित्व पर ही खतरे में पड़ जाएगा। बीते वर्ष आई बाढ़ में सब कुछ गंवाने वाले बहुत से किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। जबकि बाढ़ विभाग के जेई हिमांशु यादव ने बताया कि लगभग एक हफ्ते के अंदर ही कार्य पूरे कर लिया जाएगा। मज़दूरों की संख्या बढ़ा दी गई है, मिट्टी का कार्य पूरा हो गया है और अब पिचिंग का कार्य चल रहा है।