कर्मचारियों को इसका पता तब चला जब वह सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद कर्मचारियों ने इसे लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद तत्कालीन नायब तहसीलदार ने जून 2022 में गांधी आश्रम की भूमि को नीलाम करने की कार्रवाई शुरू की। लेकिन, भूमि का कम रेट लगाए जाने से नाराज कर्मचारियों ने मंडलायुक्त से गुहार लगाई। इसके बाद नीलामी की कार्रवाई रुक गई। एक बार फिर से तहसीलदार सदर दीपक तिवारी की ओर से क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम राहुल नगर मड़या और सेठवल की भूमि को नीलम करने के लिए विज्ञप्ति जारी की है।
यह मूल्यांकित की गई जमीन की धनराशि
| संपत्ति |
गाटा संख्या |
कुल रकबा |
हिस्सा |
मूल्यांकित धनराशि |
| राहुल नगर मड़या |
572 |
0.132 हेक्टेयर |
0.088 हेक्टेयर |
17248000 रुपये |
| सेठवल |
539 |
3.049 हेक्टेयर |
0.108 हेक्टेयर |
14760000 रुपये |
शहर के बाहर 40 लाख तो शहर के अंदर 25 लाख रुपये बिस्वा प्रशासन कर रहा जमीन की नीलामी
जिले में इस समय जमीन के रेट आसमान छू रहे हैं। शहर के बाहरी हिस्सों में सड़क के किनारे 60 लाख रुपये बिस्वा तक जमीन की बिक्री हो रही है। वहीं सड़क से हटकर 25 से 30 लाख रुपये बिस्वा का रेट चल रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से शहर की घनी आबादी और महत्वपूर्ण क्षेत्र में नीलाम होने वाली गांधी आश्रम की जमीन का रेट मात्र 25 लाख रुपये बिस्वा निर्धारित किया गया है। जो समझ से परे हैं।
गांधी आश्रम के जमीन की नीलामी का आदेश जारी हुआ है। लेकिन, अभी मैंने जल्द ही तहसीलदार का पदभार संभाला है। मुझे जमीन के रेट के बारे में जानकारी नहीं है। मैं इसके बारे में जानकारी करता हूं। -दीपक तिवारी, तहसीलदार सदर